नकुड़। कोतवाली के सामने स्थित टेलर की दुकान में बच्चे के रोते हुए चिल्लाने की आवाज से मौके पर भीड़ लग गई। शोर सुनकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बताया जाता है कि उक्त दुकान में झाड़फूंक का कार्य किया जा रहा था। भगत की किसी हरकत से बच्चा डर गया और रोने लगा। पुलिस भगत को कोतवाली ले गई और चेतावनी देकर छोड़ दिया।
कोतवाली के ठीक सामने ऊपर की मंजिल पर एक टेलर मास्टर की दुकान है। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे एक बच्चे के तेज-तेज रोने की आवाज आई जिस पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले ही वहां आसपास के दुकानदारों व राहगीरों की भीड़ लग गई।
भगत ने बड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को चुप कराकर उसकी मां के साथ भेज दिया। पुलिस पूछताछ में भगत (टेलर मास्टर) ने बताया कि बच्चा उसके रिश्तेदार का है और अचानक से बच्चे के पेट में दर्द हो गया था। जबकि आसपास के लोगों ने बताया कि टेलर मास्टर मां काली का भगत है और सिलाई के साथ झाड़ फूंक का काम भी करता है। बच्चा शायद भगत की किसी हरकत से डर गया और रोने लगा।
दुकान के अंदर घुसकर देखा तो वहां कोने में देवी देवताओं की दो बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगी मिलीं और तस्वीरों के आगे रुपयों का ढेर लगा था। इसके साथ पूजा-पाठ की सामग्री और प्रसाद भी रखा हुआ था। पुलिस आरोपी भगत को कोतवाली ले गई और पूछताछ के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया। बताया जाता है उक्त बच्चा हरियाणा के गांव टाप्पू का रहने वाला था।