सहारनपुर में जनता रोड पर चकहरेटी स्थित बाल गृह (बालिका) में रहने वाली बालिकाओं की वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। बालिकाओं ने प्रबंधक और अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई और निजी अंगों पर मिर्च लगाने के साथ अश्लील वीडियो भी बनाई गई है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मौके पर पहुंचकर जांच की। एसएसपी ने सीओ बेहट रूचि गुप्ता और महिला थाना प्रभारी मोनिका चौहान को जांच अधिकारी नामित कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को बालिकाओं ने बाल गृह (बालिका) अव्यवस्थाओं के खिलाफ धरना दिया और प्रबंधक पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने मामले की जांच कराई, लेकिन तब बताया गया कि छेड़खानी के आरोप को छोड़कर अन्य सभी आरोप सही पाए गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने प्रबंधक वीपी सिंह समेत चार के खिलाफ थाना जनकपुरी में अव्यवस्थाओं, मारपीट, गाली-गलौज और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके साथ संविदाकर्मी प्रबंधक वीपी सिंह, अधीक्षिका पिंकी, शिक्षिका लक्ष्मी, रसोइया मूर्ति, देखरेख करने वाले युवक रवि की सेवा समाप्त कर दी गई।