सहारनपुर। जनमंच प्रेक्षागृह में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी योजना से जुड़ी 381 करोड़ रुपये की 15 विकास परियोजनाओं को बटन दबाकर जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 21 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने सहारनपुर में विकास, विरासत और स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर प्रदेश का कोना होने के कारण पहले उपेक्षित रहा, लेकिन अब डबल इंजन सरकार में सहारनपुर को उसकी विरासत से जोड़ने का काम किया है। बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए कहा कि अब दिल्ली से सहारनपुर की दूरी मात्र तीन घंटे में तय की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो काम 70 वर्षों में नहीं हुआ, वह काम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दस वर्ष में हो गया है। इससे पहले महापौर डॉ. अजय कुमार ने स्वागम उद्बोधन किया।
यह रहे मौजूद
जनमंच में आयोजित कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल शिक्षा कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री सैनी, नगर विधायक राजीव गुंबर, गंगोह विधायक किरत सिंह, रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, एमएलसी वंदना वर्मा, जिलाध्यक्ष महेंद्र सैनी, महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई आदि मौजूद रहे।
विकास परियोजना का नाम-लागत
गांधी पार्क में फव्वारे का निर्माण-60 लाख
गांव ताहरपुर में सीसी रोड का निर्माण-5.1 करोड़
गांव पिंजौरा में सीसी रोड का निर्माण5.92 करोड़
पार्किंग एवं हॉल का निर्माण-14.97 करोड़
मानकमऊ में इलेक्टि्रक बस चार्जिंग सटेशन16.69 करोड़
महानगर में स्मार्ट सड़कों का निर्माण204.52 करोड़
गोगा म्हाड़ी में स्वच्छ कुंड का निर्माण-14.92 करोड़
नगर निगम के गैराज का पुर्नविकास-4.18 करोड़
मिनी स्टेडियम एवं सौ बेड के छात्रावास-16.09 करोड़
इंटरमीडिएढ पंपिंग स्टेशन का निर्माण7.32 करोड़
ढमोला नदी पर पुल का निर्माण7.57 करोड़
अनेक क्षेत्रों में विद्युत लाइनों को भूमिगत किया-74.45 करोड़
सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाना-4.09 करोड़
सोलर हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइट लगाना-4.68 करोड़
मोबाइल ले जाने पर रही पाबंदी
जनमंच प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों को अंदर मोबाइल फोन नहीं ले जाने दिए गए। कार्यक्रम के लिए बुलाई गई आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी, क्योंकि मोबाइल फोन होने के चलते उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। इसकी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष अंदर नहीं जा सके।