सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में करीब डेढ़ साल बाद चेस्ट फिजिशियन की नियुक्ति हुई है। चिकित्सक की नई तैनाती होने से अब ओपीडी भी शुरू हो जाएगी। जिसके बाद मरीजों को निजी अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। इनके अलावा अस्पताल को एक और हड्डी रोग विशेषज्ञ मिल गए हैं।
सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। चाहे जिला अस्पताल हो या फिर सीएचसी-पीएचसी। डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। हाल ही में शासनादेश जारी हुआ था कि जो चिकित्सक 62 साल के बाद प्रशासनिक सेवा में नहीं रहेंगे। इसके बाद उनकी योग्यता के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में नियुक्ति की जाएगी। एसीएमओ के पद रह चुके डॉ. ओपी गुप्ता अब एसबीडी जिला अस्पताल में मरीजों को देखेंगे। वह चेस्ट फिजिशियन है। इनके अलावा हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज चतुर्वेदी की भी जिला अस्पताल में तैनाती मिल गई है।
एसबीडी जिला अस्पताल से 2022 में चेस्ट फिजिशियन डॉ. जी रहमान का स्थानांतरण दूसरे जनपद में हो गया था। उनके जाने के बाद चेस्ट फिजिशियन की ओपीडी नहीं चली। अस्पताल में चेस्ट के जो मरीज आते थे, उन्हें अस्पताल के ही जनरल फिजिशियन देखते थे या फिर निजी अस्पताल में जाना पड़ता था। इससे मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता था। अब डॉ. ओपी गुप्ता के रूप में चेस्ट फिजिशियन की नियुक्ति होने से चेस्ट मरीजों को परेशान होने की जरूरत नहीं होगी।
चिकित्सकों के आधे पद खाली
एसबीडी जिला अस्पताल में सृजित पदों के मुकाबले चिकित्सकों के आधे से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। सभी रोगों के विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को दिक्कत होती है। अब धीरे-धीरे खाली चल रहे चिकित्सकों को भरा जा रहा है, ताकि मरीजों को अस्पताल से बिना इलाज के वापस नहीं जाना पड़े।
अस्पताल को दो और चिकित्सक मिल रहे हैं, जिनमें एक चेस्ट फिजिशियन और दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ है। अस्पताल में अभी चेस्ट फिजिशियन नहीं थे। अब नियुक्ति होने से मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
- डॉ. रामानंद, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल