सहारनपुर। भाई कुट्टू का आटा तो ले जाओ। यहीं पर चेक कर लो, अगर घर जाकर कुछ हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी। सहारनपुर और देहरादून में कुट्टू के आटे से बीमार हुए लोगों के बाद दुकानदार भी सचेत हो गए हैं। दुकान के बाहर रखा जाने वाला कुट्टू का आटा अब इधर-उधर छिपाकर रखा जा रहा है। यह नजारा बुधवार को महानगर के बाजार में उस समय दिखाई दिया जब टीम ने कुट्टू के आटे को लेकर पड़ताल की।
दरअसल, सोमवार को कुट्टा के आटे की बनी पूड़ी और पकौड़ी खाने से जिले में 40 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। उसी दिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी 200 से अधिक लोग बीमार हुए थे। तब जांच में सामने आया था कि जिस आटे को खाने से लोगों की हालत बिगड़ी थी, वह सहारनपुर से सप्लाई हुआ था। इसके बाद जिलेभर में छापा मारा जाने लगा। अब तक दो हजार किलो से अधिक कुट्टू का आटा जब्त हो चुका है। कुट्टू के आटे की हकीकत जानने के लिए बुधवार को दाल मंडी पुल और मोरगंज बाजार में पड़ताल की गई। टीम कई दुकानों पर गई। दो दुकानदारों ने बताया कि बाजार में कुट्टू का आटा है, लेकिन केवल उन्हें ही दिया जा रहा है, जो जानकार हैं। उन्हें भी पहले ही बता दिया जाता है कि भाई यहीं पर चेक कर लो।
घर जाने के बाद हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। अगर इसके बाद भी ग्राहक कुट्टू का आटा लेने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें दे दिया जाता है। मोरगंज में तीसरे दुकानदार के पास टीम ग्राहक बनकर पहुंची। दुकानदार ने पहले इधर-उधर देखा तब कुट्टू आटा देने के लिए तैयार हुआ।
टीम से कहा कि कुछ देर रुको, लेकर आता हूं। करीब पांच मिनट बाद किसी को फोन कर आटा मंगवाया। टीम कुछ दूर चलकर एक और दुकानदार के पास गई, जिसने काफी देर बात नहीं की और बाद में कुट्टू का आटा देने से मना कर दिया।