चौधरी चरण सिंह के साथ पूर्व विधायक बिमला राकेश
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सहारनपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का जनपद की राजनीति में खासा दखल रहा। उन्होंने जनपद के कई नेताओं को संसद से लेकर विधानसभा तक की राह दिखाई। उनके राजनीतिक शिष्य केंद्र और प्रदेश सरकारों में मंत्री रहे। उन्होंने सामाजिक समीकरणों को साधते हुए राजनीति की जमीन तैयार की।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने जनपद से गहरा नाता रहा है। इसके चलते उन्होंने यहां की राजनीति को खासा प्रभावित किया। उन्होंने राजनीति में सामाजिक समीकरण के हिसाब से नेताओं को आगे बढ़ाया। अपने जीवन काल में उन्होंने जनपद में दर्जनों बार जनसभाएं कीं। शुक्रवार यानि आज चौधरी चरण सिंह की जयंती है। उनके जमाने में राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं की यादें आज भी ताजा हैं। उनके साथ काम कर चुके और अब सपा के वरिष्ठ नेता चौधरी बख्तावर सिंह और रालोद के निवर्तमान महासचिव चौधरी धीर सिंह के जहन में कई यादें तैर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राजनीति करते थे। उन्होंने प्रत्येक वर्ग के प्रतिभाशाली नेताओं को राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय काजी रशीद मसूद, सपा के आजीवन प्रदेश अध्यक्ष रहे स्वर्गीय चौधरी रामशरण दास, हरिद्वार से लोकसभा सांसद जगपाल सिंह, पूर्व विधायक स्वर्गीय विमला राकेश, पूर्व सांसद एवं प्रदेश के गृह मंत्री रहे राम सिंह मांडेबांस, पूर्व विधायक चौधरी रूल्हा सिंह, चौधरी अजब सिंह आदि कई अन्य नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ाया।
उद्योगपतियों से नहीं आमजन से लेते थे चंदा
चौधरी धीर सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह किसी उद्योगपति से चंदा नहीं लेते थे। वे आमजन से सहयोग राशि देने का आह्वान करते हुए कहते थे कि वकील आपका हूं तो मेहनताना भी आपसे ही लूूंगा। वे जनसभा में एक वोट और एक नोट की अपील करते थे। इसमें ही दिल खोलकर उनको काफी चंदा देते थे।
चौधरी चरण सिंह के साथ चौधरी बख्तावर सिंह- फोटो : SAHARANPUR