छुटमलपुर। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हरीश रावत ने कहा कि चंडीगढ़ केे आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या केस की जांच सीबीआई से कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उनके परिजनों को न्याय नहीं मिला तो वह दीपावली के बाद देहरादून के गांधी पार्क में मौन व्रत धारण करेंगे।
देहरादून से दिल्ली जाते समय छुटमलपुर में अपने स्वागत के बाद हरीश रावत कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय महासचिव मुजतबा के निवास पर समर्थकों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एक आईएएस महिला अफसर अपने पति की आत्महत्या के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की मांग कर रही है। मामला बहुत गंभीर है। पूरे ममले की सीबीआई जांच करवा कर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगातार एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट होना सरकारी तंत्र के फेल होने का साक्षात प्रमाण है। कांग्रेस सरकार ने हमेशा किसान, मजदूर, युवा, बेरोजगारों के हितों का ध्यान रखा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हमेशा झूठ के सहारे सत्ता में आई है। भाजपा सरकार से युवा उनके झूठ का हिसाब मांग रहे हैं। हरीश रावत ने कहा कि उनके तीन साल के कार्यकाल में 32 हज़ार सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इससे पहले यहां पहुंचने पर फरमान प्रधान, अब्दुल हसीब, मनोज चौधरी, रामबीर चौधरी, राव यूसुफ, अरविंद कांबोज, महबूब तलहेड़ी, अरशद एडवोकेट, मोहम्मद नौशाद आदि ने पूर्व सीएम का माल्यार्पण कर स्वागत किया।