सहारनपुर में हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को सीबीआई की टीम अवैध खनन की जांच के लिए सहारनपुर पहुंच गई। सुबह कलक्ट्रेट में डीएम से मुलाकात के बाद सीबीआई की टीम ने रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
पहले दिन वर्ष 2012 से अब तक के अवैध खनन पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा की गई। हालांकि प्राथमिक जांच में ही सीबीआई को बड़ी गड़बड़ी मिली है।
इससे पहले प्रशासनिक जांच में भी मिलीभगत के चलते पांच साल में जिले भर में 300 सौ से ज्यादा अवैैध खनन की शिकायतों को नजरअंदाज करने के मामले का खुलासा हुआ था।
इसमें बाकायदा फाइलों में अवैध खनन का पूरा जिक्र है, मगर इस किसी तरह की कार्रवाई तक नहीं की गई। इतना ही नहीं अवैध खनन करने वालों को चिन्हित भी किया गया।
फाइलों की समीक्षा में पुराने अफसरों के खेल भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि ऐसे में उस दौरान तैनात रहे अफसरों से पूछताछ हो सकती है।
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई प्रदेश में हुए अवैध खनन की जांच कर रही है। इसी के तहत सोमवार को 12 दिनों के लिए जांच टीम सहारनपुर पहुंची और रिकार्ड का अध्ययन शुरू कर दिया है।
पहले दिन सीबीआई की टीम ने सर्किट हाउस में पुराने रिकार्ड खंगाले और उसमें से कई बड़ी गड़बड़ियां तक पकड़ी हैं। इससे पहले सीबीआई ने जिला प्रशासन से पिछले पांच साल में अवैध खनन और इस पर की गई कार्रवाई की पूरी डिटेल मांगी है।
आपको बता दें कि अवैध खनन की शिकायतों पर निचले स्तर पर रिपोर्ट के बाद भी अफसरों ने अवैध खनन करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।
मिलीभगत के चलते करीब 300 मामले फाइलों में दबा दिए गए। आपको बता दें कि इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की टीम भी अवैध खनन की जांच कर चुकी है। इसमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत को सही पाया गया था।
बावजूद इसके अफसरों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में 2012 से लेकर 2017 तक के जिलाधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। इसके अलावा सहारनपुर से निलंबित हुए खनन अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।