सहारनपुर। तीन मई को हुई नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) रद्द होने से जनपद के पांच हजार से अधिक अभ्यर्थियों को झटका लगा है। अभी नई तिथि जारी नहीं की गई है।
जनपद में परीक्षा 11 केंद्रों पर हुई थी। इसमें कुल 5,198 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 5,042 ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र सामान्य आने की बात कही थी और वह बेहद खुश थे, लेकिन उसके बाद से ही पेपर लीक और धांधली की चर्चाएं चल रही थी।
कई राज्यों में प्रश्न पत्र वायरल होने और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई है। परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही संबंधित अभ्यर्थी और उनके अभिभावक चिंता में घिर गए हैं। खासकर वह अभ्यर्थी, जिनकी परीक्षा अच्छी गई थी।
परीक्षा देने वाले आशीष और अनुभव का कहना है कि उनकी परीक्षा अच्छी रही थी। इस बार चयन की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनके साथ ही उनके परिजनों को भी झटका लगा है। उनका कहना है कि इससे उनका साल भी बर्बाद होगा। अंकित और इंदु आर्य ने भी परीक्षा रद्द होने पर दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सभी परीक्षाएं पेपर लीक होने की भेंट चढ़ रही हैं। इसका खामियाजा युवाओं को उठाना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि सरकार परीक्षा दोबारा कराने के लिए फीस न लेने की बात कह रही है, लेकिन जो उनका साल खराब हो रहा है वह कौन लौटाएगा।