संचारी रोग और दिमागी बुखार पर नियंत्रण को चलेगा अभियान
सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि मच्छरों पर नियंत्रण के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाए। साथ ही जिले में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। वह शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बनी समिति की बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक मार्च से 31 मार्च तक चलने वाले अभियान को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में चलाए जाने के लिए नोडल नामित किया गया है। अभियान का उद्देश्य संचारी रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जेई/एईएस रोग के प्रति जनता को जागरूक करना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस सोढ़ी ने अभियान में जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर संक्रामक रोगों से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीमें ब्लॉकों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। साथ ही हर मकान से क्षय रोग के संभावित रोगियों के बारे में जानकारी ली जाएगी। उसी दौरान जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से छूट गए शिशुओं/व्यक्तियों के पंजीकरण भी कराए जांगे। नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान में अन्य विभागों की सहभागिता के बारे में बताया।
बचाव के लिए यह करें
- दिमागी बुखार का टीका जरूर लगवाएं।
- मच्छरों के काटने से बचने को मच्छरदानी, मच्छर अगरबत्ती या कॉयल आदि का प्रयोग करें।
- पूरी आस्तीन की कमीज, फुल पैंट व मोजे पहनें।
- सूकरों को घर से दूर रखें। रहने की जगह साफ सुथरा रखें तथा खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
- शुद्घ पानी पीएं और पानी को हमेशा ढककर रखें।
- पक्के व सुरक्षित शौचालय का प्रयोग करें।
- शौच के बाद व खाने के पहले हाथों को अच्छे से धुलें।
- नाखूनों को काटते रहें।
- दिमागी बुखार के मरीज को दाएं या बाएं करवट लिटाएं। यदि तेज बुखार हो तो पानी से बदन पोंछते रहें।
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यह ना करें
- बेहोशी व झटके की स्थिति में मरीज के मुंह में कुछ भी नहीं डालें।
- झोलाछाप डाक्टरों के पास ना जाएं।
- घर के आस पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
- इधर-उधर कूड़ा व गंदगी न फैलाएं।
- खुले मैदान या खेतों में शौच न करें।