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रेलवे आवासों में बाहरी लोगों के खिलाफ अभियान शुरू

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खलासी लाइन में रेलवे आवास से अवैध कब्जा हटाने के दौरान बाहर निकाला गया सामान। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। रेल कर्मचारियों की मिलीभगत से रेलवे आवासों में अवैध रूप से रह रहे सेवानिवृत्त या अन्य बाहरी लोगों पर कार्रवाई के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। रेलवे और आरपीएफ की टीमें पहले ऐसे आवासों का सर्वे करेंगी और इसके बाद अवैध लोगों से आवास खाली करवाएगी। सोमवार को इसकी शुरूआत खलासी लाइन स्थित रेलवे आवासों से की गई। पहले दिन रेलवे कर्मचारी के आवास पर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी मिला और एक अन्य खाली भवन पर कब्जा पाया गया। टीम ने दोनों स्थलों को कब्जा मुक्त कराया।
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रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (वर्क्स) पंकज कुमार, रेलवे सीनियर सेक्शन इंजीनियर (पावर) आरपीएफ के उप निरीक्षक सतीश कुमार और सदर थाने की सिविल पुलिस की टीम ने सोमवार को सर्वे शुरू किया। यहां रेलवे मैकेनिक कंवरपाल के लिए टाइप वन श्रेणी का आवास आवंटित हैं, लेकिन इस आवास के साथ ही एक खाली भवन पर जगत सिंह नाम के शख्स का अवैध कब्जा मिला। इसके चलते यह आवास कब्जा मुक्त कराया गया। इसके साथ ही आवंटित होने के बाद आवास का अनधिकृत उपयोग कराने पर संबंधित रेलवे कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे विभाग के अलग-अलग स्थलों पर करीब 1500 आवास हैं। इनमें से 1300 का आवंटन है। बाकी खाली, जर्जर या अनुपयोगी स्तर के हैं। पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि आवंटित और खाली आवासों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। इसीलिए यह सर्वे और कार्रवाई शुरू की जा रही है। ऐसे अन्य आवासों को चिह्नित किया जाएगा।
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रेलवे के खाली भवनों में ही रखी गई थीं चोरी की बाइकें
- जिले में हाल ही में बड़ी संख्या में दुपहिया वाहनों की चोरी में पकड़े गए बदमाश चुुराए गए वाहनों को रेलवे के खाली पड़े और खंडहरनुमा आवासों में ही रख रहे थे। इसके बाद मौका पाकर यहां से उन्हें बेचा जा रहा था। पकड़े गए इन आरोपियों ने इन स्थलों को इसलिए चुना ताकि आसानी से कोई शक न हो। ऐसे में रेलवे के खाली आवास अपराधियों के लिए शरणस्थली भी बन रहे हैं। रेलवे को अब ऐसे आवासों की सुध आई है।
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