सहारनपुर। जिले में यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन सच्चाई है कि बड़ी संख्या में डग्गामार वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जो नागरिकों की जान खतरे में डालकर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं। पूर्व में हादसे होने के बाद भी ऐसे वाहन संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
महानगर में जेल चुंगी, मानकमऊ और दिल्ली रोड पर इन दिनों डग्गामार वाहनों के अवैध अड्डे बने हैं, जो सवारियों को बैठाकर शहर से रामपुर मनिहारान, नकुड़, गंगोह, गागलहेड़ी, छुटमलपुर, पिलखनी सरसावा और नागल तक संचालित होते हैं। क्षमता से अधिक इन वाहनों में सवारियों को बैठाया जाता है। इसके अलावा देवबंद, गंगोह, बेहट, नकुड़, सरसावा, बिहारीगढ़, बड़गांव, सरसावा, चिलकाना सहित अन्य देहात क्षेत्रों में भी डग्गामार वाहनों की भरमार है। एक वाहन में 12 से 15 सवारियों को बैठाया जाता है। पूर्व में हादसे होने के बावजूद इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में डग्गामार वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
जोखिम में रहती है जान
हालत है कि लोग भी वाहनों पर लटकर सफर करते हैं और वाहन चालक भी लालच की वजह से लोगों की जान खतरे में डालने से गुरेज नहीं करते हैं। एक वाहन में 12 से 15 सवारियों को बैठाया जाता है। इनमें कई सवारियां खड़े होकर या फिर लटककर ही सफर करती हैं।
छह माह में र्हुइं प्रमुख घटनाएं
-- पांच मई को मानकमऊ में डग्गामार वाहन डिवाइडर से टकराकर पलटा था। दो लोग चोटिल हुए थे।
-- अप्रैल माह के पहले सप्ताह में मल्हीपुर रोड पर दो डग्गामार वाहनों की टक्कर में आठ लोग घायल हुए थे।
-- 20 मार्च को बेहट में डग्गामार वाहन दो बाइकों से टकराया था। युवक रजनीश की जान गई थी।
-- 21 जनवरी को अंबाला हाईवे पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास सवारियों से भरा डग्गामार वाहन कार से टकराया था। तीन लोग घायल हुए थे।
होते हैं चालान
पिछले छह माह में डग्गामार वाहनों के खिलाफ 9156 चालान काटे गए हैं। इसके साथ ही 20 से अधिक वाहनों को भी सीज किया गया है। एक लाख से अधिक जुर्माना भी लगाया है। ऐसे वाहनों के खिलाफ संभागीय परिवहन विभाग के साथ पुलिस अभियान जारी है।-----प्रेमचंद, एसपी ट्रैफिक
डग्गामार वाहन- फोटो : SAHARANPUR