सहारनपुर में सड़क दुर्घटना में नुमाइश कैंप के दो युवकों की डायल 100 के पुलिसकर्मियों की लापरवाही से हुई मौत के बाद लोगों का आक्रोश भड़क उठा। लोगों ने भारत माता चौक पर जाम लगा दिया और आरोपी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज कराने के लिए जमकर नारेबाजी की।
उन्हें कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम खोला गया। बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे हुई दुर्घटना में डायल-100 के पुलिसकर्मियों के सामने आए अमानवीय चेहरे को लेकर लोगों में भरा हुआ गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा।
करीब एक बजे लोग मृतक युवकों के घर पर पहुंचे, वहां से एकत्रित होकर भारत माता चौक पर पहुंचे और चारों ओर बेरिकेडिंग लगाकर रास्ते बंद कर दिया। भारत माता चौक पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और तीनों आरोपी पुलिस कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की।
लोगों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की। इस दौरान लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस को भी अपने कदम पीछे हटाने पड़े। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का भी लोगों ने घेराव किया। उनकी लोगों के साथ नोकझोंक हुई।
करीब एक घंटे तक भारत माता चौक पर जाम लगा रहा। डीएम और एसएसपी के सामने भी लोगों ने जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों के समझाने एवं कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देने के बाद लोगों ने जाम खोला।
बहन बार-बार हुई बेहोश, मां को तो कोई सुध ही नहीं
पुलिस की अमानवीयता के चलते दो किशोरों की मौत के बाद राकेश खुराना और प्रवीण गुप्ता के परिवारीजन सदमे में हैं। युवक अर्पित की बहन को तो होश ही नहीं आ रहा जबकि मां गुमसुम हो गई है और पिता की आंख के आंसू नहीं थम रहे हैं।
उधर, सन्नी की मां को तो घटना के बाद से ही होश में नहीं है। कैंसर से जूझ रहे पिता समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर अचानक यह सब क्या हो गया।
दो परिवारों का दीपक बुझने से पूरा नुमाइश कैंप ही गम और गुस्से में डूबा रहा। पुलिस के खिलाफ आंखों में आक्रोश नजर आया तो दोनों परिवारों की हालत देखकर आसपास के लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
अर्पित की बहन वान्या अब तक बेहोशी की हालत में है। शुक्रवार से ही वह बार-बार बेसुध हो रही है। वह अपने भाई का नाम देकर आवाज दे रही है। शनिवार को फिर से बहन वान्या बेहोश हो गई। परिजन उसे उठाकर घर के अंदर ले गए और होश में लाने का प्रयास करते रहे। मां संगीता तो कुछ बोल ही नहीं पा रही है। किसी को भी देखते ही पिता के आंखों से आंसू छलकते रहे।
उधर, सन्नी के परिवार का भी बुरा हाल है। इकलौते भाई सन्नी की याद में दोनों बहनें टूट चुकीं हैं। मां ममता को तो दो दिन से होश ही नहीं है। होश में आते ही बेटा सन्नी-सन्नी चिल्लाती है और फिर बेहोश हो जाती है। गले के कैंसर की बीमारी से जूझ रहे पिता की आवाज निकल ही नहीं पाई। अधिकारी और जनप्रतिनिधि जैसे ही उनके घर सांत्वना देने पहुंचे तो परिवार के लोग फफक पड़े।