सहारनपुर। अदालत ने बसपा पदाधिकारियों की ओर से दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया है। पदाधिकारियों ने कोर्ट में चल रहे मामले में फैसला आने तक कार्यालय को खाली करने के आदेश पर स्टे लगाने की मांग की थी।
देहरादून रोड स्थित कार्यालय को बसपा ने किराए पर लिया था। पार्टी और डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर के बीच छह मई 2002 को किराया नामा हुआ था। तभी से तय किराए पर बसपा कार्यालय वहां संचालित था। इसके बाद कृषि विभाग ने 15 जनवरी 2025 को नोटिस भेजकर विभाग को कार्यालय की आवश्यकता बताते हुए नोटिस मिलने के दो महीने के भीतर खाली करने को कहा था। इसके बावजूद पार्टी ने कार्यालय को खाली नहीं किया। पार्टी ने मामले को अदालत में दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई सिविल न्यायाधीश सीनियर डिवीजन सौरभ श्रीवास्तव की अदालत में जारी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पार्टी के अधिवक्ता ने कहा कि संपत्ति को किराए पर देते समय यह आश्वासन दिया गया था कि किरायानामा जारी रहेगा और कृषि विभाग कार्यालय को खाली नहीं कराएगा। विभाग की ओर से पेश अधिवक्ता ने न्यायाधीश के सामने अपनी दलील रखी। उन्होंने कहा कि छह मई 2002 पर हुए किरायानामे की लीज डीड के पैरा नंबर चार(ए) में यह स्पष्ट उल्लेख है कि विभाग दो माह का नोटिस देकर किरायेदारी को समाप्त कर सकता है। विभाग को राजकीय कार्यों में उपयोग के लिए संपत्ति की आवश्यकता है। इसी के चलते 15 जनवरी 2025 को नोटिस भेजा गया था। इसका जवाब पार्टी ने गलत कथनों से प्रेषित किया। इसके बाद सात अप्रैल 2025 को फिर से नोटिस दिया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्टे लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई जारी रहेगी।