सहारनपुर। बसपा ने नकुड़ विधानसभा सीट से नरेश सैनी को प्रत्याशी घोषित कर चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। प्रत्याशी की घोषणा महज संगठनात्मक तैयारी नहीं, बल्कि नकुड़ के जातीय और राजनीतिक समीकरण को साधने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासकर तब, जब भाजपा की ओर से डॉ. धर्म सिंह सैनी भी प्रबल दावेदार हैं। दोनों दलों से एक ही समाज के चेहरे सामने आने की स्थिति में सैनी मतदाताओं के बीच विकल्प बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि इसका अंतिम असर चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की स्वीकार्यता, दलों के संगठन और स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगा।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा तैयारियों में जुटी है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी थी। अपने प्रदर्शन में सुधार और अपने कोर वोटर को फिर से अपनी ओर करने के लिए पार्टी ने चुनावों से काफी पहले ही प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इससे पहले पार्टी जुलाई के पहले सप्ताह में सहारनपुर देहात विधानसभा सीट से भी फिरोज आफताब को प्रत्याशी बना चुकी है।
पार्टी ने अब नकुड़ विधानसभा सीट से भी प्रत्याशी की घोषणा कर चुनावी बिसात पर एक कदम और बढ़ा दिया है। प्रत्याशी नरेश सैनी सबदलपुर निवासी हैं। उन्होंने करीब सवा साल पहले पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद पार्टी आला कमान ने नरेश सैनी को नकुड़ विधानसभा सीट का प्रभारी नियुक्त किया था। उनके विधानसभा प्रभारी बनने के बाद से माना जा रहा था कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों में उन्हें ही प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतारेगी। बृहस्पतिवार देर शाम उनके नाम की घोषणा गई। पार्टी के जिलाध्यक्ष रजनीश बंधु ने बताया कि पार्टी ने सात में से दो सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
नकुड़ का चुनावी इतिहास भी इस समीकरण को महत्वपूर्ण बनाता है। वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर डॉ. धर्म सिंह सैनी यहां से विधायक बने थे। 2017 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। 2022 में सपा प्रत्याशी के रूप में वे फिर मैदान में उतरे, लेकिन भाजपा के मुकेश चौधरी से महज 315 वोट से चुनाव हार गए। उसी चुनाव में बसपा प्रत्याशी साहिल खान को 55,112 वोट मिले थे। यानी पिछले चुनाव में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा, जबकि बसपा का वोट आधार भी उल्लेखनीय था। अब बसपा ने मुस्लिम चेहरे के बजाय सैनी समाज से प्रत्याशी उतारा है। ऐसे में उसकी रणनीति को केवल कोर वोट बैंक तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक समीकरण में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
स्नातक है नरेश सैनी, कलेक्शन अमीन के पद पर दे चुके हैं सेवाएं
नकुड़ प्रत्याशी नरेश सैनी ने बताया कि उन्होंने जेवी जैन डिग्री कॉलेज से स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने एचएवी इंटर कॉलेज से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हैं। वह कलेक्शन अमीन के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। सेवा से 31 दिसंबर 2017 सेवानिवृत्त हुए हैं।