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भाई की हत्या: बिलखते हुए मां बोली- एक बेटा मर गया, दूसरा बेटा और पोता जाएंगे जेल, मेरा तो पूरा परिवार उजड़ गया

Fri, 20 Mar 2026 09:46 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

Saharanpur News: जिले के लखनौती गांव में सुभाष ने अपने बेटे के साथ मिलकर भाई मीनू की हत्या कर दी। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। दोनों भाइयों के बीच छोटी सी बात पर विवाद हुआ था। मां रामा का रोकर बुरा हाल है। 
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मीनू की फाइल फोटो और गमजदा मां-बाप। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनौती के बिशनोट गांव में पारिवारिक विवाद के चलते बड़े भाई ने अपने बेटे के साथ मिलकर छोटे भाई मीनू (38) की लोहे की रॉड से सिर पर वार कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता-पुत्र भाग गए। पुलिस ने आरोपी पिता-बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।
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जांच करती फोरेंसिक टीम। - फोटो : अमर उजाला
बिशनोट गांव निवासी रामा के पांच बेटों में सबसे छोटा मीनू था। बुधवार देर रात मीनू का बेटा अभिराज ताऊ सुभाष के घर टीवी देख रहा था। इसी बात पर मीनू ने अभिराज को डांट दिया। साथ ही बेटे की पिटाई भी कर दी, जिससे नाराज होकर सुभाष और मीनू के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुभाष ने अपने बेटे हिमांशु के साथ मिलकर मीनू पर लोहे की रॉड और सरियों से हमला कर दिया। हमले के बाद मीनू अचेत अवस्था में रातभर घर पर ही पड़ा रहा।
 

सुबह पड़ोसियों ने यमुनानगर में रह रहे तीसरे भाई सतीश को वारदात की जानकारी दी। सतीश के गांव पहुंचने के बाद पुलिस बुलाई गई। बृहस्पतिवार सुबह सीओ अशोक सिसोदिया, कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार पुलिस के साथ पहुंचे और घायल को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मीनू को मृत घोषित कर दिया। पता लगते ही आरोपी पिता-पुत्र भाग गए। सीओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि सतीश की तहरीर पर आरोपी सुभाष और उसके बेटे हिमांशु के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
 

रोजाना के झगड़े ने ले ली जान, रातभर तड़पता रहा मीनू
बिशनोट गांव में रोजाना के झगड़े ने मीनू की जान ले ली। वह रातभर जिंदगी के लिए तड़पता रहा। पड़ोसियों को लगा कि रामा के परिवार में रोजाना किसी न किसी बात पर झगड़ा होता रहता है। इसलिए किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। ग्रामीणों के अनुसार रामा के घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। बुधवार रात भी जब घर में विवाद हुआ तो लोगों ने इसे सामान्य मानकर अनदेखा कर दिया। किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया और न ही घायल मीनू की सुध ली। रामा के परिवार में पांच बेटे हैं जिनमें दो गांव में रहते हैं। वहीं, तीन यमुनानगर में रहकर काम करते हैं। करीब 15 बीघा जमीन के सहारे परिवार का पालन-पोषण होता रहा है। बुधवार रात मीनू और उसके बड़े सुभाष के बीच झगड़ा हुआ। सुभाष ने बेटे हिमांशु के साथ मिलकर मीनू के साथ मारपीट की जिससे वह जमीन पर गिर गया। पड़ोसियों के मुताबिक मीनू घायल हालत में पूरी रात घर के आंगन में ही पड़ा रहा।
 
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मीनू के छोटे बच्चों ने जब सुबह दादा-दादी को बताया कि पिता नहीं उठ रहे हैं, तब जाकर परिजनों को घटना का पता चला। बताया जा रहा है कि मीनू की पत्नी पहले ही उसे छोड़कर जा चुकी थी। आए दिन घर में विवाद होने के कारण पड़ोसी भी दूरी बनाए रखते थे। यही वजह रही कि घटना के बाद भी गांव के लोग घर पर शोक संवेदना जताने नहीं पहुंचे। 
मीनू की मौत के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया है। एक बेटे की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे बेटे और पोते पर हत्या का आरोप है। मां रामा बार-बार यही कह रही है कि पूरा परिवार उजड़ गया। उसका एक बेटा इस दुनिया से चला गया जबकि दूसरा बेटा और पोता आरोपी बन गया। 

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