प्रधानी पद आरक्षित होने पर भाजपा नेताओं का किया बहिष्कार
बड़गांव। प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से नाराज ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों ने गांव की दीवारों पर बैनर लगा कर भाजपा नेताओं के गांव में घुसने पर पाबंदी लगा दी है।
रामपुर मनिहारान विकासखंड के गांव निवासी ग्रामीण सुभाष, सतीश, सुरेन्द्र, रिंकू, श्रीपाल, कुलदीप, धामी सिंह, सुधीर आदि का कहना है कि इस बार भाजपा सरकार नियमों को ताक पर रखकर ज्यादातर बड़े-बड़े गांवों की प्रधानी को एससी व ओबीसी में आरक्षित कर दिया है। इसी का विरोध जताने के लिए गांव में भाजपा नेताओं के खिलाफ बैनर लगाए गए हैं। अगर कोई भी भाजपा का नेता उनके गांव में आएगा तो उसके साथ घटना भी घट सकती है, जिसका जिम्मेदार वह खुद होंगे। गांव वालों का साफ तौर पर कहना है कि भाजपा सरकार की एक सोची समझी साजिश के तहत ज्यादातर सामान्य आबादी बहुल गांव को दूसरी श्रेणियों में आरक्षित किया गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में करीब 7400 वोट है जिनमें करीब साढ़े चार हजार के आसपास सामान्य जाति के वोट है। दो हजार के आसपास एससी जाति के वोट है बाकी वोट पिछड़ी जाति के हैं। भाजपा सरकार जानबूझकर सामान्य जाति बाहुल गांव को आरक्षित करने पर तुली हुई है, जिसे कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। उधर, भाजपा के अंबेहटा मंडल अध्यक्ष विनोद पंवार ने बताया कि यदि ग्रामीणों को कोई गलतफहमी है तो मिल बैठ कर दूर कर दी जाएगी।