सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन पकडने के लिये स?
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सहारनपुर। घर जाने की खुशी के साथ ही रोजी रोटी छिनने के बाद की बेबसी और सड़कों पर चलकर पाए जख्मों का दर्द भी प्रवासी मजदूर अपने साथ लेकर गए हैं। स्पेशल ट्रेन से रवानगी से पहले कुछ मजदूरों से बातचीत हुई तो उनके दर्द छलक आया।
12 दिन की बच्ची को लिए भटकती रही, अब घर पहुंचेगी
- हरियाणा के जगाधरी से महिला बबीता 12 दिन की बच्ची और चार अन्य बच्चों के साथ पहुंची। उसका पति लुधियाना में काम करता था। वह मोतिहारी अपने परिवार के पास जा रही है। वहीं घर जाते समय भावुक हो रहे मजदूर शहनवाज, मोहम्मद आरिफ, अमरजीत ने कहा कि साहब..खून पसीने की कमाई से पिछले सात साल में जिनके कारखाने पंजाब में हमने चलवाए, मगर वे ही संकट के समय काम न आए। दिव्यांग रघबीर ने बताया कि पंजाब से यहां तक 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तक कभी पैदल कभी बस से पहुंचकर यहां तक आए हैं और घर जाने का मौका मिला है।
परेशान न हो, खाना पानी सब मिलेगा
- कुछ मजदूरों ने कोच में पानी की आवाजें लगानी शुरू की तो एक सुरक्षा जवान ने माइक लेकर घोषणा करते हुए मजदूरों से कहा कि आप परेशान न हों खाना पानी सब मिलेगा, लेकिन ट्रेन रास्ते में नहीं रुकेगी। कुछ अफसरों ने बताया कि यात्रियों के लिए खाने के अलावा साबुन, सैनिटाइजेशन, मास्क आदि की व्यवस्था करवाई गई है।
सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन पकडने के लिये स?- फोटो : SAHARANPUR