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नागरिकता संशोधन विधेयक आंबेडकर के संविधान का मखौल

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नागरिकता संशोधन विधेयक आंबेडकर के संविधान का मखौल
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छुटमलपुर(सहारनपुर)। उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक डॉ. भीम राव आंबेडकर के संविधान का मखौल है। यह बिल संकीर्णवादी और बहुलवाद पर बड़ी ताकतों की जीत है।
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शूरवीर सिंह सजवाण 14 दिसंबर की दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की भारत बचाओ रैली में जाते वक्त छुटमलपुर में उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के पूर्व निदेशक मो. मुजतबा के निवास पर कुछ समय के रुके थे। यहां पत्रकारों से बातचीत में सजवाण ने कहा कि बिल पूर्वोत्तर में जातीय सफाए की एक तुच्छ सोच का प्रयास है। यह सब केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा की सत्ता दुरुपयोग का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसान, मजदूर सब बेहाल हैं। भाजपा झूठे वायदों के साथ मतदाताओं से छल कर सत्ता में पहुंची है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक एक करके सभी उपक्रमों को प्राइवेट हाथों में सौंप रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सजवाण ने कहा कि आम आदमी भाजपा की कुनीतियों से तस्त्र आ चुका है। आने वाले चुनावों में भाजपा को अपनी असलियत का पता चल जाएगा। इससे पूर्व यहां पहुंचने पर शूरवीर सिंह सजवाण का मो. मुजतबा के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस दौरान याकूब सिद्दीकी, राज सिंह साध, सुरेंद्र सिंह साध, नासिर अली, फरमान मलिक, राव यूसुफ, अरविंद कांबोज, चौ. धर्मेंद्र, राव शहजाद, अफजल मलिक आदि मौजूद रहे।
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