गंगोह में धरनास्थल पर बातचीत करते एक्सईएन और भाकियू नेता।
- फोटो : गंगोह में धरनास्थल पर बातचीत करते एक्सईएन और भाकियू नेता।
गंगोह। पिछले दस दिन से बिजली घर पर धरना और भूख हड़ताल कर रहे किसानों ने प्रदेश स्तरीय नेताओं की मौजूदगी में कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बाद में अधिकारियों और भाकियू के बीच हुई समझौता वार्ता के बाद किसानों की तमाम मांगें मान लिये जाने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल स्थगित कर दी गई।
बता दें कि विद्युत अधिकारियों पर किसानों के बिजली कनेक्शन काटने, अर्जी फर्जी मुकदमे कायम करने, अवैध वसूली करने आदि आरोप लगाते हुए सिकंदरपुर बिजलीघर की दीवार बनवाने और 5 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर जल्द बदलवाने, शपथपत्र देकर 5 एचपी का बिल जमा करने और जर्जर लाईनें बदलवाने आदि मांगें पूरी किए जाने को लेकर भाकियू कार्यकर्ता पिछले 10 दिन से बिजलीघर पर धरना और भूख हड़ताल कर रहे थे। 11वें दिन प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार, जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह और महानगर अध्यक्ष मुकेश तोमर उनके बीच पहुंचे। इसके बाद किसानों ने बिजलीघर कार्यालय की तालाबंदी कर दी। एक्सईएन जागेश कुमार, रेवन्यू एक्सईएन सुरेंद्र कुमार, एसडीओ सुनील बंसल और सचिन किसानों के बीच पहुंचे। उनके द्वारा सभी मांगें मान लिये जाने के बाद ताला खेलते हुए आंदोलन स्थगित कर दिया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष ने भूख हड़तालियों महीपाल सिंह और पहल सिंह सैनी को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। अध्यक्षता पूर्व प्रधान करनैल सिंह और संचालन पप्पू डालेवाला ने किया।
चौधरी देशपाल सिंह, अरविंद कुमार, ब्रजपाल सिंह, सलेख चंद, दीपक प्रधान, संजीव कुमार, महबूब, शौकिंद्र, इमरान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।