दसलक्षण के आठवें दिन नगर के चारों जैन मंदिरों में उत्तम त्याग धर्म की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। वहीं सोमवार की रात्रि मंदिर बाहरा में महाआरती पश्चात फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाडा, मंदिर बाहरा, मंदिर नेचलगढ़ और भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर कानूनगोयान में मंगलवार को जिन प्रतिमाओं के अभिषेक, नित्य नियम पूजन, दसलक्षण धर्म के तहत उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई।
श्रद्धालुओं द्वारा प्रस्तुत भजनों से समस्त वातावरण भक्तिमय हो गया। आचार्य प्रदीप शास्त्री और पं. देवेन्द्र जैन ने बताया कि सभी परद्रव्यों का मोह छोड़कर संसार देह और भोगों से विरक्त रहना ही उत्तम त्याग धर्म है। त्याग करने से मनुष्य के भीतर सरलता, अहिंसा और मोह का जाल कम हो जाता है।
इससे प्राणी का जीवन स्वत: ही सुखमय बन जाता है। इसलिए दसलक्षण धर्म में तप के बाद त्याग धर्म की महत्त्व को बताया गया है। इससे पूर्व सोमवार की रात्रि में श्री दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में महाआरती के पश्चात संस्था जैन मिलन द्वारा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 12 वर्ष तक के बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में 5 वर्ष आयु वर्ग में द्रव्य जैन प्रथम, सांची जैन द्वितीय व एकांश जैन तृतीय रहे।
वहीं, 12 वर्ष आयु वर्ग में तृप्ती जैन प्रथम, अरिहंत जैन द्वितीय व उत्सव जैन तृतीय रहे। कार्यक्रम में प्रवीन जैन, सुरेश जैन, संजोली जैन, नितिका जैन, पायल जैन, पारूल जैन, अंकित जैन, रीता जैन, अर्चना जैन, नेहा जैन, आयूषी जैन, शिल्पी जैन, उत्सव जैन, प्राची जैन, नीतू जैन, राखी जैन, अंशुल जैन, रजत जैन, सतीश जैन, अजय जैन, मुकेश जैन, मोना जैन, रूची जैन, बबीता जैन, रूपांशी जैन, आदि मौजूद रहे।