सहारनपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग अलग अलग नुस्खे इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई होम्योपैथिक दवा ले रहे हैं तो कोई ऐलोपैथिक, लेकिन इसमें सावधानी बरतने की भी जरूरत है और चिकित्सक की सलाह पर ही कोई दवा लें।
एसबीडी जिला अस्पताल में होम्योपैथिक चिकित्सक विवेक कुमार यादव का कहना है कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति ऐसी है, जिसमें बीमारी नहीं, बल्कि बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया जाता है। बीमारी चाहे जो हो, बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के लक्षण के साथ उसके स्वभाव, तथ्य को ध्यान में रखकर दवा लेनी चाहिए। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का स्वभाव अलग अलग होने से रोग प्रतिरोधक शक्ति भी अलग होती हैं। अत: यदि होम्योपैथिक सिद्धांतों का पालन करके दवा दी जाए तो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। उनका कहना है कि सावधानी के तौर पर होम्योपैथिक दवा सेपिया 200 को 15 दिन में केवल एक बार लें तो खुद को कोविड संक्रमित होने से बचाया जा सकता है और यदि बीमारी की स्थिति आती है तो लक्षण के आधार पर दवा लेनी चाहिए।