करेंसी लेने के लिए लाइन में लगे लोग।
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सहारनपुर में 500 और एक हजार रुपये के नोट पर रोक के बाद बैंकों में मची मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को बैंकों में कैश खत्म होने के चलते घंटों लाइन में लगे लोगों को निराशा हाथ लगी। दोपहर से पहले ही कई बैंकों में नगदी समाप्त हो गई थी।
ऐसे में सुबह से ही कैश एक्सचेंज और नगदी निकालने के इंतजार में खड़े लोगों को मायूस लौटना पड़ा। उधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से सहारनपुर के लिए जारी किया गया 100 करोड़ रुपये बुधवार देर शाम यहां पहुंच गया है।
ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कैश के लिए मुश्किल झेल रहे बैंकों को थोड़ी राहत मिल जाएगी। कारण यह नगदी पांच दिनों तक लोगों के लिए पर्याप्त बताई जा रही है।
दरअसल, आठ नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और एक हजार के नोट को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद से सहारनपुर में लगातार बैंकों में नोट बदलने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही है।
दो दिन से बैंकों में नगदी खत्म होने से शाखाओं में लोगों को कैैश बदलने में दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है।हालांकि सुबह होने के साथ ही बैंकों में लंबी कतारें लग रही है। कतार में लग रहे लोगों को कैश मुहैया कराने के लिए बैंक एक दूसरी शाखाओं से थोड़े बहुत कैश का इंतजाम कर रहे हैं।
मगर, बुधवार को दोपहर बाद ज्यादातर बैंकों ने नगदी के लिए हाथ खड़े कर दिए। लीड बैंक मैनेजर नीरज भारतीय ने बताया कि 10 नवंबर को आरबीआई से कैश आया था, जिसे सभी बैंकों में वितरित किया गया था। बुधवार को 100 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसके बाद अब बैंकों में नगदी की समस्या नहीं आएगी।