सहारनपुर में यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन द्वारा सरकार पर बैंकों के आर्थिक सुधारों के नाम पर निजीकरण का आरोप लगाते हुए हड़ताल की गई। कर्मचारियों ने जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की।
जिसके कारण सहारनपुर के बैंकों में करोड़ों का लेनदेन प्रभावित रहा। लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार पर बैंकों के निजीकरण के आरोप में सभी बैंकों के कर्मचारी पंजाब नेशनल बैंक सिविल लाइन पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिला सचिव सुनील गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा बैंकिंग क्षेत्र में आर्थिक सुधारों के नाम पर बैंकों के निजीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। स्टेट बैंक अंचल सचिव अरविंद गुप्ता ने कहा कि बैंक खराब ऋणों की खतरनाक वृद्धि से लहूलुहान हैं।
कारपोरेट एवं पूंजीपतियों के पास बैंकों का लगभग 14000 करोड़ रुपया बाकी है, जिसके खिलाफ सरकार कठोर कदम नहीं उठा रही है। यूपीबीईयू के जिलाध्यक्ष राजीव जैन ने कहा कि देश की मजबूत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं न कि अनावश्यक रूप से बड़े बैंक जिनका वैश्विक आकार हो।
उन्होंने मांग की है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ किया जाए एवं खराब ऋणों की वसूली उपाय शुरू किए जाएं, 5 सहयोगी बैंकों के विलय को रोका जाए, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मर्जर रोका जाए, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण रोका जाए, ऋण चूक कर्ताओं पर कार्रवाई शुरू की जाए।
इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने जुलूस निकाला और कोर्ट रोड स्थित स्टेट बैंक पर पहुंचे तथा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्यक्रम समाप्त हुआ। प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप गुप्ता, वीर कुमार जैन, वी कुमार, राम कुमार, संजय शर्मा, उपेंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, योगेंद्र सिंह, केके गुप्ता, अजय,
चंद्रमोहन, ओपी अरोड़ा, अतुल चोपड़ा, नावेद अली खान, संजीव शर्मा, राहुल कपिल, पल्लव गर्ग, फिरोज अंसारी, डीके दीक्षित, अजय कर्णवाल, मेघराम, प्रदीप शर्मा, मदन लाल, रणवीर सिंह, सेठपाल, मुकुल चोपड़ा, शांति स्वरूप, एमपी खुराना, विदित जैन शामिल रहे।