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Saharanpur News: बैंक खाते खोलेंगे राज, कई नजदीकी भी निशाने पर

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सहारनपुर। आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे रिटायर्ड इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। यहां तक कि वह सस्पेंड भी हो चुके हैं। अब विजिलेंस टीम प्रेमवीर राणा के बैंक खातों को खंगालने पर जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि कई नजदीकी भी विजिलेंस के निशाने पर हैं। रविवार को उनके आवास पर सन्नाटा पसरा रहा।
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बता दें कि शनिवार को प्रेमवीर सिंह राणा के महानगर स्थित कई ठिकानों पर मेरठ विजिलेंस की टीम ने एक साथ छापा मारा था। टीम को कई चल, अचल संपत्ति के साथ सोने-चांदी के आभूषण आदि मिले थे। जिले में तैनाती के दौरान प्रेमवीर राणा कोतवाली मंडी, देहात कोतवाली, कुतुबशेर, रामपुर मनिहारान और जनकपुरी आदि थानों में रहे। विजिलेंस की जांच में सामने आया कि प्रेमवीर राणा के 12 बैंक खाते हैं, जिनका रिकॉर्ड अब विजिलेंस खंगाल रही है। गांव में भी इनकी संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। विजिलेंस को यह भी आशंका है कि प्रेमवीर राणा ने अपने नजदीकियों के नाम पर भी संपत्ति करा रखी है, उनके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ खातों में सरकारी सेवा अवधि के बाद भी बड़ी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। ऐसे में कई नजदीकी विजिलेंस के निशाने पर हैं।

-सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष ने लगाए थे मारपीट के आरोप
2012 में कुतुबशेर थाने में चार्ज के दौरान सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष फहाद सलीम एक मामले को लेकर पहुंचे थे। उस समय सपा की सरकार थी। किसी बात को लेकर सपा नेता और प्रेमवीर राणा के बीच कहासुनी हुई और नौबत मारपीट तक आ गई थी। हालांकि प्रेमवीर राणा की तरफ से पुलिस की वर्दी फाड़ने का केस दर्ज कराया गया था, लेकिन यह मामला इतना तूल पकड़ गया था कि प्रेमवीर राणा को सस्पेंड कर दिया गया था। रामपुर मनिहारान में जातीय हिंसा के मामले में भी काफी विवाद रहे। इसके अलावा देहात कोतवाली में तैनाती के दौरान भी वह काफी चर्चा में रहे। हालांकि इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। तैनाती के दौरान वर्ष 2007 में उत्कृष्ट सम्मान चिह्न और 2016 में राष्ट्रपति से वीरता पुरस्कार भी मिला था।
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