खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में लपेटने, भंडारित करने और वितरित करने पर पाबंदी लगा दी गई है। अब खानपान की चीजों में अखबारी कागज का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। अखबार की छपाही में इस्तेमाल होने वाली स्याही का सेहत पर पड़ने वाले असर को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। विभाग की ओर से इस संदर्भ में जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अखबारी कागज का इस्तेमाल ज्यादातर रेहड़ी वाले करते है। समोसा, पकोड़ी, छोटे भटूरे, मूंगफली, भेलपुरी आदि को ज्यादातर अखबारी कागज में लपेटकर बेचा जाता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। पॉलीथिन पर प्रतिबंध के बाद इस तरह के कागज से बनने वाले लिफाफों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि अखबारी कागज में होने वाली छपाही में शीशा इस्तेमाल होता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
जिला अभिहित अधिकारी सुनील शर्मा ने बताया कि अखबारी कागज में खाद्य पदार्थ बेचने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त से भी इस संदर्भ में दिशा-निर्देश मिले है। कोई भी विक्रेता अखबार के कागज में सामान बेचता मिलता है तो उसका चालान काटकर कार्रवाई की जाएगी।