सहारनपुुर के रामपुर मनिहारान में श्रीरामदूत बालाजी सेवा मंडल द्वारा श्रीबाला जी जयंती के मौके पर निकाले जाने वाली बालाजी शोभायात्रा को पुलिस ने अनुमति निरस्त होने का हवाला देते हुए रुकवा दिया। इस दौरान आयोजकों और पुलिस में काफी नोकझोंक हुई।
लोगों ने पुलिस के इस रवैये के विरोध में प्रदर्शन भी किया। इसके बाद मंदिर में पूजा अर्चना के बाद प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन कर दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मंदिर और उसके आस पास पुलिस और पीएसी बल तैनात रखा गया।
एसडीएम रामपुर मनिहारान कार्यालय से शोभायात्रा निकालने के लिए 22 मार्च को अनुमति दी गई थी। इसके बाद आयोजक तैयारियों में जुट गए थे। श्रीराम दूत बालाजी सेवा मंडल के प्रधान सुमित सिंघल के अनुूसार रात 12 बजे थानाध्यक्ष उनके घर पहुंचे और उन्होंने अनुमति निरस्त होने की बात कहते हुए शुक्रवार को निकाली जाने वाली यात्रा को नहीं निकलने देने की बात कही।
इस पर यात्रा की तैयारियों पर चार लाख रुपये से ज्यादा का खर्च होने और श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने के लिए पहुंचने के चलते शुक्रवार की सुबह नगर के मुहल्ला शिवपुरी में जैसे ही आयोजकों ने शोभा यात्रा निकालने की तैयारी शुरू की। थानाध्यक्ष एसके राणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यात्रा रुकवा दी।
उन्होंने आयोजकों को बताया कि इस शोभायात्रा की अनुमति नहीं है और न ही यह शोभा यात्रा परंपरागत है। ऐसी दशा में शोभायात्रा किसी भी सूरत में नहीं निकालने दी जाएगी। पुलिस द्वारा शोभा यात्रा रोके जाने पर माहौल गर्मा गया। सेवा मंडल के कार्यकर्ताओं की पुलिस ने तीखी नोकझोंक हुई।
आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। यात्रा रोके जाने की खबर पर शिवपुरी में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
मामले की स्थिति को देखते हुए मंदिर के आसपास कई थानों की पुलिस को तैनात कर दिया गया और पीएसी को भी बुला लिया गया। आयोजकों ने यात्रा मार्ग को सीमित करके शोभायात्रा की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस ने उसे भी नहीं निकालने दिया जिसके बाद प्रसाद वितरित कर कार्यक्रम संपन्न कर दिया गया। उधर, एसडीएम रामपुर मनिहारान युवराज सिंह ने बताया कि पूर्व में अनुमति किस आधार पर दी गई थी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने नई परंपरा शुरू न होने देने के शासन के निर्देशों के अनुपालन में अनुमति निरस्त की है।
श्री राम दूत बालाजी सेवा मंडल के जसबीर सिंह, चौधरी गौतम, श्रीचंद अग्रवाल, निशांत, सुमित, सचिन, मनोज, दीपक, नवीन सिंघल आदि का कहना था शोभायात्रा की अनुमति 22 मार्च को मिल चुकी थी। अनुमति के लिए जारी प्रक्रिया में थाना व सीओ की रिपोर्ट के बाद ही अनुमति जारी की जाती है। फिर एकदम ऐसा क्या हो गया जो अनुमति निरस्त कर दी गई। इस पर थाना प्रभारी का कहना है कि रामजी की शोभा यात्रा की अनुमति दी गई थी जबकि सेवा मंडल द्वारा बालाजी महाराज की शोभा यात्रा निकाली जा रही थी इसे लेकर अनुमति को निरस्त किया गया है।
इन्होंने की प्रशासन की हिमायत
श्रीराम सेना के जिलाध्यक्ष विभोर राणा ने कहा कि पुलिस प्रशासन का कदम सही है यात्रा निकाले जाने की रिपोर्ट गलत आ रही थी। कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं रामपुर भी कासगंज न बन जाए इसे लेकर पुलिस का कदम सही है।