सहारनपुर। ईद-उल-अजहा पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। ईदगाह और मस्जिदों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नमाज अदा की गई। कोरोना से निजात दिलाने और देश में अमन चैन के लिए भी दुआ कराई गई।
अंबाला रोड स्थित ईदगाह में शहर काजी नदीम अख्तर ने ईद की नमाज अदा कराई। कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए ईदगाह में 50 से भी कम लोगों ने ही नमाज अदा की। इसके बाद शहर काजी नदीम अख्तर ने कोरोना से निजात के लिए दुआ कराई। उन्होंने कहा कि आपसी सौहार्द के साथ पर्व मनाएं। ऐसा कोई काम न किया जाए, जिससे किसी का दिल दुखे और भावनाओं को ठेस पहुंचे।
उधर, जामा मस्जिद में इमाम कारी अरशद गोरा ने नमाज अदा कराई। उन्होंने भी कोरोना से खात्मे की दुआ कराई, साथ ही लोगों से आपसी सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। यहां पर जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलाना मौलवी फरीद शामिल रहे, साथ ही अधिकारियों ने भी मुस्लिम वर्ग के लोगों को मुबारकबाद दी।
इसी तरह घंटाघर मस्जिद, मस्जिद कलसूमिया मजाहिर उलूम वक्फ, मस्जिद मेहरबान अली, मस्जिद इस्लामिया इंटर कॉलेज, मस्जिद हजरत कुतुबशेर साहब, मस्जिद खिरनी वाली, शाहजानी सहित अनेक मस्जिदों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए ईद की नमाज अदा की गई।
सुरक्षा रही चाक चौबंद, रूट डायवर्ट
ईद पर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए। ईदगाह पर भीड़ एकत्र न हो, इसलिए पुलिस तैनात रही। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने सुरक्षा के मद्देनजर देहात और शहरी क्षेत्र में भ्रमण किया। दोनों अधिकारियों ने अरबी मदरसा पर मुस्लिम धर्म गुरुओं से वार्ता कर आपसी सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी और एसपी सिटी राजेश कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
बच्चों में उत्साह, सोशल मीडिया पर भी दी मुबारकबाद
ईद-उल-अजहा को लेकर बच्चों में उत्साह रहा। बच्चों और युवाओं ने नए वस्त्र पहने और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी।
तिरंगा लेकर पहुंचे नमाज अदा करनें
सहारनपुर। अंबाला रोड स्थित ईदगाह में नमाज के दौरान समाजसेवी आरिफ खान ने ईद की मुबारक देने के साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। आरिफ खान और उनके साथी तिरंगा लेकर नमाज पढ़ने पहुंचे। इसके साथ ही देश में अमन-चैन की दुआ की गई। इस दौरान हाजी एम. जुबैरी, आसिफ सिद्दीकी, मोहम्मद फैसल जुबैरी, शारिक जुबैरी, डॉ. अनस, काजी साद, मोहम्मद नसीम, हाजी असगर, सय्यद इजहार अख्तर मौजूद रहे।