सहारनपुर। अदालत ने मई 2017 में शब्बीरपुर में हुए दंगे में एक पक्ष के 12 लोगों को जमानत दी है। आरोपियों पर दंगा भड़काने, हत्या का प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी की अदालत ने सुनवाई के बाद एक-एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर आरोपियों को जमानत दी है।
शब्बीरपुर में मई 2017 में महाराणा प्रताप जयंती पर दो पक्षों में बवाल हो गया था। घटना की आंच से कई दिनों तक जिले में अशांति रही। दोनों ही पक्षों के कई लोग घायल हुए थे, साथ ही जान भी गई थी। इसी मामले में राजपूत और दलित पक्ष की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे लिखवाए गए थे। इन्हीं मुकदमों में एक पक्ष के लोगों की जमानत अर्जी स्वीकार हुई है। अधिवक्ता खुर्शीद अहमद ने बताया कि पांच मई 2017 को थाना बड़गांव में वादी ने तहरीर दी थी। जमानत याचिका में दलील दी कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। सह आरोपी दिनेश, संजू, जसवीर और प्रद्युमन की जमानत न्यायालय से स्वीकार की जा चुकी है।
प्रथम सूचना देरी से लिखवाई गई है। साथ ही कोई कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया। आरोपी जिला कारागार में निरुद्ध है। विशेष लोक अभियोजक व वादी के अधिवक्ता ने प्रथम नियमित जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध किया। कहा कि आरोपियों ने एक राय होकर हथियारों से लैस होकर घरों में आगजनी, लूट आदि घटनाओं को अंजाम दिया। उन्होंने जमानत दिए जाने का विरोध किया। विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी की अदालत ने दर्ज मामलों में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अंकित कुमार, विकास पुंडीर, कंवरपाल, सुशील कुमार, रवि कुमार, शंकर कुमार, विकास कुमार, गौरव, शिवओम, सचिन, राजू उर्फ राजगुरु और अनिल को जमानत दी है।