उनके शव को ढोली खाल स्थित उनके आवास पर लाया गया। शाम जनाजे की नमाज के बाद कुतबुशेर कब्रिस्तान में सपुर्देखाक किया जाएगा। अताउर्रहमान वजदी ने बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर पिछले कई वर्षों तक मुहीम चलाई थी।
उनके निधन पर सांसद इमरान मसूद, शहर काजी नदीम अख्तर, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद, शेरशाह आजम, अरशद कुरैशी, शब्बीर साद ने दुख जाहिर किया है। सभी ने कहा कि मौलाना अतारउर्रहमान वजदी के निधन से भारी क्षति हुई है। जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता है।