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आयुष्मान कार्ड दिखाया, फिर भी देना पड़ा आपरेशन का खर्चा

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सहारनपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का उपचार मुफ्त मिलेगा। योजना में ओपीडी शामिल नहीं है, लेकिन भर्ती होने और ऑपरेशन संबंधी समस्त सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जानी है। बावजूद इसके मनमानी व्यवस्था नियमों की कहानियों में उलझाकर लाभार्थियों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रही है। ऑपरेशन कराने पर भी खर्च लिया जा रहा है।
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जनपद में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 1.16 लाख परिवार चयनित है, जिनमें 44459 शहरी और 71660 ग्रामीण लाभार्थी हैं। इनमें से 94 हजार से ज्यादा के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को निर्धारित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक उपचार कराया जा सकता है। जिले में अब तक 2280 लाभार्थी उपचार करा चुके हैं। काफी पात्र लोग योजना का कार्ड न मिलने से परेशान हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जो कार्ड में त्रुटिवश नाम गलत अंकित होने से लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें लाभार्थियों से कार्ड दिखाने के बावजूद ऑपरेशन का खर्च लिया गया। ऐसा खुद लाभार्थियों ने अमर उजाला को कॉल करके बताया।
केस एक -- देवबंद के मोहल्ला पठानपुरा निवासी अशरफ ने बताया कि उनके बेटे अफजल को गुर्दे में पथरी की शिकायत थी। उनके परिवार का आयुष्मान भारत योजना कार्ड बना हुआ है। करीब तीन महीना पहले वह देवबंद के ही चयनित अस्पताल शिवम नर्सिंग होम में ऑपरेशन कराने के लिए गए। अशरफ ने बताया कि ऑपरेशन के लिए उनसे 21 हजार रुपये भुगतान लिया गया। वहीं, शिवम नर्सिंग होम के डाक्टर राजेश शर्मा का कहना है कि गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के लिए उनका अस्पताल चयनित नहीं है, जिस कारण गोल्डन कार्ड पर यह ऑपरेशन उनके यहां नहीं होता है।
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केस दो -- गांव भैरमऊ निवासी नाथीराम ने बताया कि उनके बेटे गौतम का पूर्व में एक्सीडेंट हो गया था, जिस कारण उसकी नसें ब्लॉक हो गई थीं। इसके बाद वह ऑपरेशन कराने के लिए बेटे को लेकर चंडीगढ़ स्थित अस्पताल गए। नाथीराम ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान उनसे 40 हजार रुपये भुगतान लिया गया, जबकि उन्होंने आयुष्मान योजना का कार्ड भी दिखाया था।
केस तीन -- गंगोह क्षेत्र के गांव शकरपुर निवासी अब्दुल खालिक ने बताया कि उनका नाम पात्रता सूची में है तथा तीन महीना पहले उन्हें योजना का लेटर भी मिला था। इसके बाद वह कई बार अस्पताल गए, लेकिन गोल्डन कार्ड नहीं मिल पाया है। अब्दुल खालिक ने बताया कि पूरे परिवार को लेकर गांव से गंगोह आने जाने में काफी खर्चा भी हो जाता है, जबकि आमदनी का कोई खास जरिया नहीं है।
आप हमें दें जानकारी
योजना के संबंध में यदि आप कोई जानकारी या सुझाव देना चाहते हैं, तो अमर उजाला के मोबाइल फोन नंबर 9675899767 पर दे सकते हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का उपचार निशुल्क है। निर्धारित अस्पताल में इसका लाभ लिया जा सकता है। योजना में ओपीडी का खर्च निशुल्क नहीं होगा, जबकि ऑपरेशन और भर्ती होने का खर्च निशुल्क है। यदि कोई अस्पताल नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके संबंध में विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी दी जा सकती है। -- सुशील कुमार, जिला समन्वयक, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
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