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Saharanpur News: हड़ताल से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर लटके ताले, भटकते रहे मरीज

Sat, 10 Oct 2026 01:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच जिले के अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके रहे और दवा लेने आए मरीजों को लौटना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज भटकते हुए एसबीडी जिला अस्पताल पहुंचे। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में करीब 1500 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें डॉक्टर, सीएचओ, स्टाफ नर्स, एएनएम और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इनकी तैनाती एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर हैं। कर्मचारी समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायीकरण, वेतन विसंगतियां दूर करने, कैशलेस उपचार की सुविधा को लेकर दो दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इस बीच शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित करीब 255 आरोग्य मंदिरों पर तैनात स्टाफ ताला लगाकर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां धरना-प्रदर्शन किया। आरोग्य मंदिरों पर ताला लटका देख मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। ऐसे में मरीजों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लिया। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनी भी मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी रहीं।



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लंबित मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष किशोर सैनी ने बताया कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं को जिम्मेदारी के साथ संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनकी लंबित मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं किया गया है। कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने कर्मचारियों से 10 अक्तूबर को भी धरना स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगामी चरण में और व्यापक किया जाएगा। धरने में मंडलाध्यक्ष डॉ. राजीव सैनी, जिलाध्यक्ष डॉ. किशोर सैनी, जिला महामंत्री धनंजय धीमान आदि रहे।
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क्या बोले मरीज

पंजाब निवासी रिक्की ने बताया कि बृहस्पतिवार रात देवबंद सीएचसी में भर्ती हुआ। स्टाफ को बुखार की जांच कराने के लिए कहा गया, लेकिन कोई नहीं आया। शुक्रवार दोपहर तक कोई जांच नहीं हुई। स्टाफ नहीं आने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मनोज कुमार ने बताया कि देवबंद सीएचसी पर शुक्रवार सुबह शुगर की जांच कराना आया था, लेकिन लैब बंद होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ा। इक्का-दुक्का कर्मचारी मिले, जिन्होंने अन्य कर्मचारियों के हड़ताल में जाने की बात कही।




हड़ताल से स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को परेशानी नहीं होने दी गई। नियमित डॉक्टरों को संबंधित केंद्रों पर भेजा गया। एनएचएम कर्मियों की मांग स्थानीय स्तर की नहीं है। इसलिए उनकी मांगों का पत्र शासन में भेज दिया है।
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डॉ. शेर सिंह कक्कड़, सीएमओ
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