सहारनपुर। बेशक सहारनपुर विकास प्राधिकरण 20 साल में एक भी आवासीय योजना नहीं ला सका हो, मगर अब प्राधिकरण दिल्ली की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी पर काम करने की तैयारी में है। इसके तहत किसानों के साथ समझौता किया जाएगा। किसानों से जमीन लेकर उसमें कॉलोनी विकसित की जाएगी। इससे एक ओर जहां प्राधिकरण को फायदा होगा, वहीं किसान भी मालामाल होंगे।
अमर उजाला ने अभियान के तहत 14 दिसंबर के संस्करण में आवासीय योजना नहीं ला सका प्राधिकरण टाइटल से समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। इसमें विकास प्राधिकरण की फेल हुई आवासीय योजनाओं के बारे में विस्तार से लिखा गया। प्राधिकरण की योजनाएं किन कारणों से मुकाम तक नहीं पहुंच सकी हैं, इसकी वजह भी बताई गई थी। मगर अब विकास प्राधिकरण नए फार्मूले पर काम करने की तैयारी में है, जिसका नाम है लैंड पूलिंग पॉलिसी। एसडीए के कार्यवाहक उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इसके तहत प्राधिकरण ऐसे क्षेत्रों में किसानों की जमीन का इस्तेमाल कॉलोनी काटने में करेगा, जिस क्षेत्र में विकास अधिक हो रहा है। उदाहरण के तौर पर दिल्ली रोड। पॉलिसी के तहत प्राधिकरण किसानों के साथ समझौता कर जमीन लेगा। जमीन पर कॉलोनी विकसित करने के बाद उसका एक हिस्सा किसान को देगा, जबकि अपने हिस्से को सेल करेगा। इससे एक ओर जहां प्राधिकरण की कमाई बढ़ेगी, वहीं किसान भी मालामाल होंगे।
शहरी क्षेत्र की ही होंगी जमीनें
प्राधिकरण जिन जमीनों का इस्तेमाल कॉलोनी विकसित करने के लिए करेगा, वह शहरी क्षेत्र यानी प्राधिकरण के दायरे की ही होंगी। सहारनपुर की बात करें तो विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में अनेक बड़ी जमीनें खाली पड़ी हैं, जिन पर या तो खेती की जा रही है या फिर लोग कॉलोनियों के लिए बेच रहे हैं। ऐसे में प्राधिकरण को जमीन मिलने में आसानी रहेगी।
किसानों का क्या फायदा
विकास प्राधिकरण किसानों के साथ समझौते के तहत जमीन लेगा। इसके बाद प्राधिकरण जमीन पर कॉलोनी विकसित करेगा। अधिकारियों ने बताया कि कॉलोनी का 40 फीसदी हिस्सा किसान का होगा, जबकि 60 फीसदी हिस्से पर प्राधिकरण का हक होगा। प्राधिकरण अपने हिस्से की कॉलोनी बेचेगा, जबकि किसान अपने हिस्से की। माना जा रहा है कि कॉलोनी विकसित होने के बाद किसान को अपनी पूरी जमीन की कीमत से अधिक का फायदा होगा।
अभी तक एक भी आवासीय योजना नहीं आ पाने की एक वजह यह भी है कि प्राधिकरण की जो भी जमीनें शहर में हैं, वह छोटे छोटे टुकड़ों में हैं, जिन पर कॉलोनी नहीं बसाई जा सकती। केवल बहुमंजिला इमारत बनाकर फ्लैट तैयार किए जा सकते हैं। मगर सहारनपुर में फ्लैट कल्चर अभी नहीं आया है। ऐसे में हम लैंड पूलिंग पॉलिसी पर काम करने की तैयारी में हैं। किसानों के साथ बात चल रही है। पॉलिसी पर जल्द ही काम करने की तैयारी है।
ज्ञानेंद्र सिंह, कार्यवाहक उपाध्यक्ष, एसडीए।