सरसावा (सहारनपुर)। भाकियू की पंचायत में किसानों ने सरकार के विरुद्ध नाराजगी जताई। पंचायत में अन्य मुद्दों के साथ हाई ब्रीड बीज का जबरदस्त विरोध किया। किसानों ने कहा कि इससे किसान की कमर टूट जाएगी और वो विदेशी कंपनियों तथा बाजार के बीच पिसकर रह जाएगा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने सरकार ने कहा कि किसान को कमजोर समझने की भूल करने वाले सरकारें जमींदोज हो जाया करती हैं।
बृहस्पतिवार को ग्राम सुआ खेड़ी में भाकियू ने पंचायत की। पंचायत से पूर्व भाकियू कार्यकर्ताओं ने नारे करते हुए चिलकाना तिराहे से पुराने चैक पोस्ट तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद ग्राम सुआ खेड़ी में उमेश शर्मा के घेर में पंचायत हुई। इसमें भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि सरकारें किसानों की आय दोगुना करने की बात करती हैं, लेकिन सरकारी फैसलों के कारण फसलों की लागत लगातार बढ़ रही है। प्रदेश सरकार ने बिजली महंगी कर दी है, गन्ने का बकाया अभी तक मिला नहीं है, लेकिन बैंक और बिजली तथा अन्य विभाग किसानों से बकाया वसूलने के लिए जोर डाल रहे हैं, जब आज तक किसानों के गन्ने का भुगतान ही नहीं हो पाया है, तो सरकार किस आधार पर किसान का उत्पीड़न कर रही है।
जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह एवं मेवाराम ने कहा कि संगठन का विस्तार कर सरकार से किसानों के हक की लड़ाई जाएगी। मुकेश तोमर तथा रघुबीर सिंह ने हाई ब्रीड बीजों का मुद्दा उठाते हुए इसे किसानों के लिए भारी नुकसानदेह बताया। उन्होंने कहा कि हाई ब्रीड बीज आने के बाद किसान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मोहताज बन जाएंगे और फसलों की कीमतें भी उन्हीं के अनुसार तय की जाएंगी। भीम सिंह चौधरी ने सरसावा मिल पर गन्ने का दो करोड़ से भी अधिक बकाया होने की बात कही।
पंचायत की अध्यक्षता कर रहे मौलाना सुल्तान ने कहा कि किसान की बिरादरी किसानी होती है। किसान एकजुटता के कारण ही चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने अनेक बार सरकारों को किसान हित में झुकने पर मजबूर किया। पंचायत का संचालन कर रहे जिला महासचिव अशोक चौधरी ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पंचायत में अरुण राणा, प्रदीप शर्मा, मुकेश चौधरी, बबलू प्रधान झबीरण, हरि सिंह माजरी, देशपाल सिंह, देवेंद्र चौधरी, बलबीर सिंह, मुफ्ती मोहम्मद अहमद आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सरसावा में भाकियू की पंचायत में शामिल किसान- फोटो : SAHARANPUR