सहारनपुर। धर्मांतरण के मामले को लेकर ही एटीएस ने सरसावा के एक धार्मिक स्थल से आधी रात में दबिश देकर पांच युवकों को हिरासत में लिया है। इसकी चर्चा आम रही, लेकिन स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
एटीएस ने मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया, जिससे पूछताछ के बाद इनपुट मिला कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसका नेटवर्क फैला है। यह भी जानकारी आई कि इसी नेटवर्क का हिस्सा बने पांच लोग सहारनपुर जिले में हैं। इसी कारण सोमवार रात मेरठ से एटीएस की टीम दो वाहनों पर सवार होकर सरसावा पहुंची और वहां पर एक धार्मिक स्थल में सर्च ऑपरेशन चलाया है। सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने पांच युवकों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि पांचों युवक दूसरे जिलों और प्रदेशों के रहने वाले हैं, जो धर्मांतरण कराने की मुहिम से जुड़े थे। हालांकि, इस कार्रवाई की जानकारी एटीएस ने स्थानीय पुलिस को नहीं दी है। वहीं, धार्मिक स्थल के जिम्मेदार ने भी एटीएस की दबिश से इनकार किया है।
तीन माह पूर्व आए थे युवक
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिन युवकों को पकड़ा गया है, वह तीन माह पूर्व सरसावा क्षेत्र के धार्मिक स्थल में आकर रुके थे। वह दिन में धार्मिक स्थल से बाहर रहते थे, लेकिन रात में आकर वहां रुकते थे।
जिले में कई बार छिपकर रहे संदिग्ध व आतंकी
जिले में पहले भी कई बार संदिग्ध और आतंकी पकड़े गए हैं, जो यहां छिपकर रहते थे। इससे साफ है कि सहारनपुर में अपराधी खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। इसी वजह से सहारनपुर को अपनी शरणस्थली बनाते हैं। अधिकतर मामलों में एटीएस और बाहर की पुलिस ने ही कार्रवाई की है, जबकि स्थानीय पुलिस को संदिग्धों और आतंकियों की भनक नहीं लग सकी है।
- एटीएस की कार्रवाई की जानकारी नहीं है। इसका पता कराया जा रहा है। एटीएस ने स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं किया है। -- डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी