सपा की मासिक बैठक में दो सपाई नेताओं के आपस में भिड़ जाने से हंगामा हो गया। वरिष्ठ नेताओं के बीच बचाव करने के बाद मामला शांत हुआ।
इसके बाद शुरू हुई बैठक में नेताओं ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने सीनियर नेताओं की कमेटी बनाकर नगर निगम, डूडा और विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने का सुझाव दिया।
शनिवार को अंबाला रोड स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित मासिक बैठक में दो सपा नेता आपस में भिड़ गए। एक नेता ने शिकायत की कि उन्हें नगर निगम में एक कर्मचारी की शिकायत करने से रोका जा रहा है। इस पर दूसरे नेता ने कहा कि पहले शिकायतकर्ता का उद्देश्य भी देख लेना चाहिए। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। वरिष्ठ नेताओं ने बमुश्किल मामले को बीच बचाव करके शांत किया।
जिलाध्यक्ष मजाहिर हसन मुखिया ने कहा कि कार्यकर्ताओं का मान सम्मान सर्वोपरि है। उसके उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बिना नाम लिए स्थानीय मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जिले में जो मंत्री हैं उन्हें भी पार्टी कार्यालय पर आना चाहिए। उन्होंने सभी प्रत्याशियों, विधानसभा अध्यक्षों और पदाधिकारियों से मासिक बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लेने को कहा।
कहा कि वरिष्ठ नेताओं की एक कमेटी बनाकर पहले नगर निगम, डूडा और विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी। इस कमेटी की महीने में दो बार बैठक होगी।
उन्होंने बूथ कमेटियों के जल्द गठन करने और कार्यकर्ताओं से 13 अगस्त को जनमंच में होने वाले युवजन सभा के सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया। इससे पहले शाजान मसूद ने नगर निगम को भ्रष्ट बताते हुए वरिष्ठ नेताओं की कमेटी बनाकर इसकी जांच कराने की मांग की।
एमएलसी उमर अली खान, पूर्व चेयरमैन सरफराज खान, गंगोह विधानसभा प्रत्याशी चौधरी रुद्रसेन, देहात विधानसभा प्रत्याशी चौधरी अब्दुल वाहिद, विमला राकेश, अरुण राणा आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान फैजानुर्रहमान, फैसल सलमानी, चौधरी तेज सिंह, डॉ. रागिब अंजुम, कुंवरपाल राठी, अमित गुर्जर, नुसरत साबरी, जमाल साबरी, हाजी वसीम गाड़ा, अमित यादव, सुदेश गुर्जर, अनवर कुरैशी, कुंवरपाल अहमदपुर, सतंरपाल, नागेंद्र राणा, महजबीं खान, सलीम अख्तर, हामिद जुबैरी आदि मौजूद रहे। संचालन हाफिज उवैश ने किया।