सहारनपुर। दीपावली पर खूब आतिशबाजी होने से एक्यूआई बढ़ गया है। इससे अस्थमा और सांस के मरीजों को दिक्कत हुई। ऐसे मरीजों को सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंचकर चिकित्सक को दिखाया। हालांकि, अन्य दिनों के मुकाबले जिला अस्पताल की ओपीडी एक हजार से कम रही।
दीपावली पर बड़ी मात्रा में जलाए जाने वाले पटाखों से हवा में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक रसायन और अति सूक्ष्म कण मिलते हैं। कण फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर जाते हैं, जिससे सांस की नली में सूजन और जलन बढ़ जाती है। इससे अस्थमा के अटैक का खतरा बढ़ जाता है। दीपावली पर देर रात तक आतिशबाजी हुई। एक्यूआई 209 रहा। पटाखों से निकलने वाले धुएं से सांस, अस्थमा के मरीजों को परेशानी हुई। इसके अलावा सामान्य लोगों को भी गले में खराश ने परेशान किया। मंगलवार को एसबीडी जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में सांस, अस्थमा और गले में खराश के मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने पटाखों के धुएं से दूर रहने की सलाह दी।