सहारनपुर। जो रेमडेसिविर इंजेक्शन एक माह पहले तक मुंह मांगी कीमत पर बिक रहा था। उसका अब कोई खरीदार ही नहीं है। औषधि प्रशासन के पास ही 350 इंजेक्शन रखे हुए हैं।
कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी डिमांड अप्रैल और मई माह में हुई थी। देशभर में इंजेक्शन की कमी सामने आई थी। सहारनपुर में भी शासन द्वारा प्रशासन को इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे थे। पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन नहीं मिलने की वजह से इंजेक्शन पाने के लिए लोगों में आपाधापी मची थी। कई लोग इंजेक्शन के लिए मुंह मांगी कीमत तक देने को तैयार थे। मगर अनेक लोगों को फिर भी इंजेक्शन नहीं मिल पाया। अब यह इंजेक्शन डिब्बों में धूल फांक रहे हैं।
इंजेक्शन की उपलब्धता
कोरोना की दूसरी लहर जिस समय ढलान पर थी। उस समय जनपद में औषधि विभाग के साथ ही तीन निजी मेडिकल एजेंसियों को इंजेक्शन बेचने की अनुमति मिली। हालांकि उन्होंने बड़ी संख्या में इंजेक्शन बेचे भी, मगर वर्तमान में उनके पास इंजेक्शन बचे हैं।
कोरोना संक्रमण काफी कम हुआ है। गंभीर मरीजों की संख्या भी न के बराबर रह गई है। ऐसे में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग नहीं रह गई है। विभाग के पास वर्तमान में 300 से 400 तक इंजेक्शन बचे हैं। मेडिकल स्टोरों पर भी कुछ इंजेक्शन बचे हैं।
- संदीप कुमार, औषधि निरीक्षक।