सहारनपुर में गुप्ता बंधुओं के ठिकानों की जांच करने के लिए पहुंची कंद्रीय एजेंसियों ने सबसे पहले पुलिस लाइन में डेरा डाला था। सुबह करीब आठ बजे गाजियाबाद, दिल्ली, देहरादून, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित अन्य जगहों की टीमों ने पुलिस लाइन से पुलिस की टीमों को साथ लिया। हालांकि वहां किसी को भी कार्रवाई की भनक नहीं होने दी।
करीब 50 गाड़ियों से पहुंचे अधिकारियों ने वहीं से टीम बांटी और फिर अलग-अलग ठिकानों को कब्जे में ले लिया। इस दौरान गुप्ता परिवार करीबियों में खलबली मच गई। हालांकि कुछ लोगों ने टीमों का सामना भी किया। वहीं, कुछ लोग घरों से पूरे मामले में नजर जमाए रहे और अलग-अलग माध्यम से जानकारियां जुटाते रहे।
उधर, खुफिया विभाग का दावा है कि केंद्रीय एजेंसियों में आयकर विभाग के अलावा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों की मौजूदगी है। देर शाम तक जारी कार्रवाई में एनआरआई गुप्ता बंधुओं के बहनोई पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अनिल गुप्ता और उनकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है।
एनआरआई गुप्ता बंधुओं अजय, राजेश और अतुल गुप्ता के ठिकानों पर जांच के दौरान मिले दस्तावेज के आधार पर ही दिल्ली रोड स्थित भाजपा नेता अमर गुप्ता के घर पर टीम पहुंची। सूत्रों की मानें तो यहां कुछ प्रापर्टी के कागजात मिले हैं, इन्हें टीम ने जब्त कर लिया है।
इसके अलावा अन्य कार्रवाई के दौरान करीबियों के फोन घनघनाते रहे और वे लोग भी लगातार संपर्क कर जांच टीम पर पैनी नजर बनाए रहे। यहां बता दें कि 27 साल से गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका में रह रहा है और इतने वर्षों में भारत में उनके खिलाफ पहली कार्रवाई है। अब से पहले तक उनके रसूख के चलते अधिकारी और सरकार में बैठे लोग उनके साथ खड़े रहते थे।
दक्षिण अफ्रीका से लेकर सहारनपुर तक रसूख
गुप्ता परिवार ने बहुत कम समय में ही अपना रसूख दक्षिण अफ्रीका से लेकर सहारनपुर तक कायम कर लिया। वर्ष 2013 में पहली बार गुप्ता परिवार के एक समारोह में भारतीय मेहमानों का विमान दक्षिण अफ्रीका के सैन्य क्षेत्र में उतार दिया गया था।
उस वक्त विवादों में आए गुप्ता परिवार का विवादों से ऐसा नाता हुआ कि गुप्ता बंधुओं से नजदीकी के चलते वहां के राष्ट्रपति को इस्तीफा देना पड़ा। इसके अलावा सहारनपुर में पिता शिवकुमार गुप्ता की स्मृति में बन रहे शिवधाम के शिलान्यास से लेकर अन्य कार्यक्रमों के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला, आनंद शर्मा, योग गुरु बाबा रामदेव, प्रदेश के तत्कालीन मंत्री शिवपाल यादव, आजम खान सहित दो दर्जन से ज्यादा वीआईपी यहां पहुंच चुके हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर अधिकारी भी गुप्ता बंधुओं के रसूख से खौफ खाते रहे हैं।
भारत में नहीं है गुप्ता बंधु
सूत्रों की माने तो इस वक्त गुप्ता बंधुु भारत में नहीं हैं। दूसरी तरफ आयकर विभाग लगातार अजय गुप्ता और उनके परिवार के लोगों के ठिकानों पर नजर जमाए है। आयकर विभाग के सूत्रों की माने तो गुप्ता बंधुओं के खातों और आय-व्यय की जांच की जा रही है। इसके अलावा सहारनपुर सहित अन्य शहरों में उनकी संपत्तियों का भी आंकलन किया जा रहा है।