हकीकतनगर की निर्माणाधीन स्मार्ट रोड।
सहारनपुर। सीएम ग्रिड योजना की स्मार्ट रोड के निर्माण में लापरवाही के मामले में ब्लैक लिस्ट की गई डीएवी कंसट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी रातोंरात दफ्तर से सामान समेटकर गायब हो गए। हकीकतनगर में बनाया गया कंपनी का अस्थायी दफ्तर शनिवार को खाली मिला। वहां न कोई कर्मचारी और न ही सामान था। सदर थाने में केस दर्ज होने के बाद कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
स्मार्ट रोड के निर्माण का कार्य अक्तूबर 2024 में शुरू हुआ था, जो 18 जनवरी 2026 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी के चलते बीते नौ महीने में मात्र 20 फीसदी ही कार्य हो सका। कार्य की धीमी गति को लेकर कई बार हंगामे और प्रदर्शन हुए।
अधिकारी भी निरीक्षण के दौरान कार्य की गति बढ़ाने अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दे चुके थे। अमर उजाला द्वारा 29 जुलाई को प्रकाशित किए गए समाचार के बाद नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए 31 जुलाई को कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसके साथ ही केस दर्ज करने के निर्देश निर्माण विभाग का दिए गए थे।
निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव की ओर से सदर कोतवाली में कार्यदायी संस्था डीएवी कंसट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ठेकेदार दिलीप तिवारी के खिलाफ तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर दिया। केस दर्ज होने की सूचना मिलते ही कार्यदायी संस्था के कर्मचारी हकीकतनगर में बने अस्थायी कार्यालय को खाली कर रातोंरात गायब हो गए हैं। अस्थायी दफ्तर अंदर से खाली मिला, जबकि एक कमरे पर ताला लगा हुआ है, लेकिन कमरा अंदर से खाली ही है।