यह था मामला
मुंडीखेड़ी गांव निवासी सेना के जवान विक्रांत पंवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिनका शव बृहस्पतिवार सुबह घर से थोड़ी दूर चकरोड़ पर पड़ा मिला था। इस मामले में गांव के ही देवेंद्र पुत्र रकम सिंह नामजद करते हुए रामपुर मनिहारन थाने में केस दर्ज कराया गया था। आरोप था कि विक्रांत के रिश्ते में लगने वाले चचेरे भाई रजत की जुलाई 2020 में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इसमें मुख्य आरोपी देवेंद्र है, जो जमानत पर आया हुआ है। रजत की हत्या में विक्रांत मुख्य गवाह थे, जो आठ अप्रैल की गवाही देने के लिए छुट्टी पर आए हुए थे।
इस रंजिश में दिया गया हत्याकांड को अंजाम
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि आरोपी अंकुश से पूछताछ में सामने आया कि रजत हत्याकांड में विक्रांत मुख्य गवाह था। रजत का छोटा भाई सूरज उर्फ भूरा भी सेना में है, जिसकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में हैं। वह विक्रांत का सीनियर है। रजत हत्याकांड में भले ही विक्रांत मुख्य गवाह हो, लेकिन अब विक्रांत और देवेंद्र की नजदीकियां बढ़ रही थी।
उनकी नजदीकियां देखकर सूरज उर्फ भूरा अपने भाई रजत की हत्या के लिए विक्रांत को जिम्मेदार मान रहा था और उससे रंजिश रखने लगा। ऐसे में उसने अंकुश को अपने साथ मिला लिया। अंकुश इसलिए साथ मिला कि पिछले साल होली पर विक्रांत ने उसके चाचा किशनपाल से मारपीट कर दी थी। बीच-बचाव में आने पर अंकुश से भी मारपीट की थी। सूरज ने अपने साथी विशाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी रागड़ थाना छछरौली जिला यमुनानगर को भी अपने साथ शामिल कर लिया।
एक तीर से दो निशाना लगा रहा था सूरज
सूरज ने योजना बनाई कि विक्रांत की हत्या कर दी जाए। उस पर कोई शक नहीं करेगा और देवेंद्र के साथ केस चल रहा है। विक्रांत की हत्या में देवेंद्र का नाम आ जाएगा। विक्रांत भी मारा जाएगा और देवेंद्र जेल में सजा काटेगा। विक्रांत की छुट्टी का पता चलते ही सूरज भी योजना के तहत छुट्टी लेकर गांव में आ गया। बुधवार देर शाम अंकुश शराब पिलाने के बहाने से विक्रांत को खेत की तरफ लेकर आ गया। वहां पर भी सूरज और उसका दोस्त भी आ गए। वहां बैठकर शराब पी और फिर तीनों ने मिलकर विक्रांत को एक-एक गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद विशाल वहां से फरार हो गया, जबकि सूरज और अंकुश अपने-अपने घर चले गए। यहां तक कि अंतिम संस्कार में भी वह शामिल हुए थे।