सहारनपुर। नगर निगम ने रायवाला क्षेत्र में मियावाकी वन तैयार कर लिया है। अब नगर निगम कमेला क्षेत्र में वेटलैंड और रायवाला में ही तालाब को पुनर्जीवित कर उसमें जलीय जीवों को बसाएगा। बुधवार को हुई पर्यावरण अनुश्रवण समिति की बैठक में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी।
ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि रायवाला में बनाए गए तालाब तथा मियावाकी वन को और अधिक विकसित किया जाएगा। इसमें मानव व जीव जंतुओं के सहअस्तित्व को ध्यान में रखने पर जोर रहेगा। महानगर के लोगों को शुद्ध वायु मिले तथा अधिक से अधिक जल संरक्षण हो इसके लिए ऐसे कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कमेला कॉलोनी में तैयार किए जा रहे पार्क में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां वेटलैंड तैयार होगा। डॉ. उमर सैफ ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व रायवाला स्थित निगम की भूमि पर आक्सीजन व जैव विविधता के संरक्षण के लिए मियावाकी तकनीक से सघन वनीकरण किया गया था, जिसके सुखद परिणाम सामने आने लगे है। जैव मंडल के निर्माण की अवधारणा के साथ बनाई गई योजना के तहत भूमि में एक तालाब बनाया गया था। जिसमें उपचारित जल को एकत्रित कर उसमें कछुआ, मछली आदि जलीय जीव जंतुओं को पुनर्वासित किया जाएगा। कमेला कॉलोनी स्थित तीन हेक्टेयर भूमि के संबंध में सैफ ने बताया कि कूड़ा कचरा हटाकर तीन माह पहले एक हेक्टेयर भूमि में मियावाकी तकनीक से सघन वनीकरण कर दिया गया है तथा उक्त भूमि के बीचोबीच एक तालाब बनवाया जा रहा है। इसके चारों ओर भी पौधे लगाकर इसे जैव विविधता से भरे वेटलैंड के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में मुख्य अभियंता निर्माण कैलाश सिंह, महाप्रबंधक जल कल मनोज आर्य, सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम, अधिशासी अभियंता सुशील सिंघल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन, लेखाधिकारी राजीव कुशवाह आदि मौजूद रहे।