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बारिश से लालो का पुल ध्वस्त, एप्रोच रोड बही

Tue, 19 Jul 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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बिहारीगढ़ में पानी के तेज बहाव के चलते बहा लालो नदी का पुल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के छुटमलपुर/बिहारीगढ़ में पहाड़ों और मैदानों में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। लालो नदी के तेज बहाव से इस पर बना पुल धराशाई हो गया है। इससे सुंदरपुर-शाकंभरी मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है।
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नदी में पानी के बीच से होकर गुजरना ही एकमात्र विकल्प बचा है। फिलहाल तेज बहाव में वह भी संभव नहीं है। वहीं, हलवाना  गांव के पास हिंडन नदी के पुल की एप्रोच रोड ध्वस्त होने से  छुटमलपुर-बेहड़ा मार्ग पर भी आवागमन बंद हो गया है।

सुंदरपुर-शाकंभरी मार्ग पर स्थित गांव तोता टांडा के निकट से बह रही लालो नदी का पुल सोमवार की सुबह साढे़ आठ बजे पानी के तेज बहाव से बह गया। महज छह साल पहले ही इस पुल को बनाया गया था।
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ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि इतने कम समय में ही पुल टूट गया। बता दें कि दो साल से यह पुल क्षतिग्रस्त पड़ा था और इसके एक हिस्से से ही आवागमन चल रहा था। पुल टूटने के बाद इस मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया है।

नदी का पानी उतरने के बाद ही नीचे से होकर अब इससे गुजरा जा सकेगा। फिलहाल इस मार्ग पर बसे 50 से अधिक गांवों का संपर्क बिहारीगढ़ से कट गया है।

छुटमलपुर से हलवाना जाने वाले मार्ग पर अलीपुर संभालकी गांव से आगे हिंडन नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड बह जाने के कारण इस मार्ग पर भारी और छोटे वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। तीन फीट का रास्ता ही बचने से केवल बाइक सवार और पैदल ही इस पर से गुजर पा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी की रफ्तार से रात में बचे हुए इस रास्ते के भी बह जाने की उम्मीद है। इस एप्रोच रोड के टूटने के बाद दर्जन भर गांवों का सीधा संपर्क छुटमलपुर से कट गया है।

अब उन्हें दस किमी से ज्यादा का चक्कर काट कर छुटमलपुर आना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अतिशीघ्र पत्थरों की पेचिंग लगाकर मार्ग को चालू कराने की मांग की है।

दतौली गांव के पास से बह रही नागादेव नदी का पानी गांव की आबादी में घुस गया है। दर्जन भर घरों में कई-कई फीट पानी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के रकबे में पेड़ लगाने और फसलें उगाने के चलते यह हालत हुई है।

उन्होंने नदी को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। छुटमलपुर क्षेत्र में चमारीखेड़ा गांव से जुड्ढाखेड़ा पुंडीर जाने वाले मार्ग पर हिंडन नदी का पानी तीन फीट तक खड़ा हो गया है। सड़क का दो किमी का हिस्सा नदी के पानी से जलमग्न है।

ग्रामीणों को आने जाने में भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। नानका गांव में तालाब पर अतिक्रमण के बाद भारी बारिश के चलते पानी कब्रिस्तान में घुस गया। इससे खफा शहजाद, रईस, गफ्फार, सलमान, नफीस, साजिद, शौकीन आदि ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से तालाब को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
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