फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: कुछ दिन पहले हुई थी जांच, फिर भी लापरवाही, नहीं काम आए अग्निशमन यंत्र

Sat, 07 Jun 2025 11:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
साउथ सिटी मैदान में लगे ट्रेड फेयर मेले में लगी आग
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन




सहारनपुर। साउथ सिटी मैदान में चल रहा ट्रेड फेयर इस हादसे से पहले ही सुर्खियों में आ गया था। कुछ दिन पहले जिला प्रशासन को किसी ने शिकायत भेजी थी कि बिना एनओसी के नियमों को तांक पर रखकर ट्रेड फेयर चल रहा है। प्रशासन ने जांच कर सभी एनओसी पूरी कराई। हैरानी की बात यह है कि फिर भी लापरवाही बरती गई। हादसे के समय केवल दो अग्निशमन यंत्र दिखाई दिए, वह भी काम नहीं आए। प्रशासन ने ट्रेड फेयर बंद करा दिया है।

ट्रेड फेयर शाम पांच बजे से लेकर रात 12 बजे तक भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन वहां न पार्किंग की व्यवस्था और न ही जाम से निपटने के कोई इंतजाम थे। यहां पर नियमों की अनदेखी हुई। दूसरा और अहम सवाल यह है कि ट्रेड फेयर में तीन गेट है, लेकिन आने-जाने के लिए सिर्फ एक गेट खोला जाता है।
विज्ञापन

अगर यही हादसा रात के समय होता तो बड़ा अग्निकांड हो सकता था। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि यहां नियमों की अनदेखी हो रही है। ऐसे में अधिकारियों ने जांच के बाद एनओसी पूरी कराई, लेकिन सवाल यह है कि जब यह हादसा हुआ तो वहां पर अग्निशमन यंत्र भी काम नहीं आए। सिर्फ दिखावे के लिए अग्निशमन यंत्र दिखाई दिए।
चर्चा यह भी है कि ट्रेड फेयर में कर्मिशियल की बजाय घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर चाय बनाते समय यह आग लगी। इसके बाद सिलिंडर फट गया। इस पूरे हादसे के पीछे कहीं न कहीं आयोजकों के साथ-साथ प्रशासन भी जिम्मेदार है, जिन्होंने सिर्फ एनओसी के नाम पर कागजी कार्रवाई पूरी की। एनओसी दिए जाने के बाद कोई मौका मुआयना नहीं किया।



इन विभागों से होती है अनुमति



ट्रेड फेयर मेला लगाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। इसमें विद्युत निगम, अग्निमशन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, जिला पूर्ति विभाग आदि शामिल होते हैं। मेले का निरीक्षण कर जांच पड़ताल के बाद आख्या देनी होती है। उसके बाद ही प्रशासन अनुमति जारी करता है। साउथ सिटी मैदान में ट्रेड फेयर मेला एक अप्रैल से चल रहा था। इसमें लकड़ी के सामान, प्लास्टिक के खिलौने, शोपीस के स्टॉल के अलावा 100 से अधिक स्टॉल लगे थे, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं।





यह बोले पीड़ित दुकानदार :

- दुकानदार श्याम कुमार का कहना है कि मेले में चूड़ी की दुकान थी, जिस समय पर आग लगी, दुकान के अंदर ही सो रहा था। अचानक तेज धमाका सुना दिया, तभी बाहर निकलकर देखा। चंद ही मिनटों में चूड़ी की दुकान भी आंखों के सामने जलकर राख हो गई।



- दुकानदार आसिम बताते हैं कि सुबह करीब सात बजे आग लगी। उस समय नमाज पढ़ने गए थे। वापस लौटकर आए तो देखा कि सामान आग में जलकर राख हो गया। काफी नुकसान हुआ है।

आयोजकों का तर्क



मेला ठेकेदार सेठपाल का कहना है कि ट्रेड फेयर में सभी मानकों को पूरा किया गया था। जिस समय आग लगी तब घर पर सो रहे थे। सुबह सूचना मिली कि आग लग गई है। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन


-



ट्रेड फेयर मेले में आग की सूचना मिली थी। दो गाड़ियों से आग को बुझाया गया। आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर अन्य कारण रहे। इसका पता लगाया जा रहा है। जांच की जा रही है। - ऋषभ पंवार, अग्निशमन अधिकारी द्वितीय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें