सहारनपुर। सिद्धपीठ मां शाकंभरी मंदिर परिसर में अचानक आने वाली बाढ़ को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन प्रशासन अर्ली अलार्म सिस्टम की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए मंदिर परिसर से करीब तीन किलोमीटर ऊपर वार्निंग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे पानी आने से करीब आधा घंटे पहले ही जानकारी मिल सकेगी।
शाकंभरी मंदिर खोल में पहाड़ों पर बारिश होने या फिर बादल आदि फटने की वजह से अचानक तेज बहाव के साथ पानी आ जाता है। प्रशासन ने चेतावनी के लिए बाढ़ चौकियां तो स्थापित की हैं, लेकिन उनसे कई बार सटीक चेतावनी नहीं मिल पाती। इसके लिए एक नया सिस्टम तैयार किया गया है। इस नए सिस्टम को एक ऐसी जगह लगाया जाएगा, जहां पानी इकट्ठा होने या फिर पहाड़ों से पानी आने के बाद वह एक जगह एकत्रित हो जाता है।
इस सिस्टम के तहत एक निश्चित स्तर पर पानी के पहुंचते ही अर्ली अलार्म सिस्टम अपने आप क्रियाशील हो जाएगा। सायरन बजने के साथ ही इसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदार विभागों के पास भी पहुंचेगी। इससे यह फायदा होगा कि पुलिस प्रशासन आमजन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा सकेगा। इसके साथ ही पर्यटन थाना भी बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन भी चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें, कि पिछले दिनों अचानक बाढ़ आने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी।
- आठ किलोमीटर दूर तक गूंजेगी सायरन की आवाज
प्रशासन द्वारा जिस चेतावनी सिस्टम को लगाया जा रहा है। उसकी आवाज बेहद तेज होगी। चेतावनी मिलते ही सायरन की आवाज करीब आठ किलोमीटर दूर तक सुनाई देगी। इसके साथ ही ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएंगे, जहां पर रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। उन स्थानों पर हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएगी। साथ ही सिस्टम पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगेंगे। इनकी लाइव मॉनिटरिंग होगी। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।
शाकंभरी मंदिर परिसर क्षेत्र में अर्ली अलार्म सिस्टम को लगाया जा रहा है। इससे पानी के बहाव की सूचना काफी पहले मिल जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
- सलिल कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं दैवीय आपदा प्रभारी।