अमेरिकन एंबेसी के पोलिटिकल आिफसर ईवन बोकल हैडकी ने मुल्क में कमजोर होते जा रहे सांप्रदायिक ढांचे पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सांप्रदायिकता से मुल्क का विकास प्रभावित होता है। अमेरिकी सरकार सांप्रदायिकता के खात्मे के लिए वचनबद्ध है।
बुधवार को नॉर्थ अफ्रीका व अरब देशों के मामलों को देखने वाले अमेरिकी अधिकारी जॉन एल स्केंडर के नेतृत्व में विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम पहुंचे ईवन बोकल हैडकी ने भ्रमण उपरांत हारुन गेस्ट हाउस में विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में सांप्रदायिक ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है, जो मानवता के लिए खतरनाक है।
साथ ही इससे मुल्क का विकास भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि हम सांप्रदायिकता के खिलाफ हैं पूर्व में अमेरिकी सदर बराक ओबामा भी इस बात को कह चुके हैं। हिंदुस्तान में बढ़ती सांप्रदायिकता चिंता का विषय है और अमेरिका सरकार इसके खात्मे के लिए वचनबद्ध है। साथ ही कहा कि पूरी दुनिया में इंसानी हकों की अनदेखी न हो और सभी को बराबर का हक मिले इसके लिए भी अमेरिका का सरकार प्रयासरत है।
इससे पूर्व प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम के मेहमानखाने में संस्था के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक संभली से मुलाकात की और वहां के इतिहास के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने लाइब्रेरी, कक्षाओं और एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया को भी देखा।
ईवन बोकल हैडकी ने दारुल उलूम में छात्रों को अंग्रेजी जुबान व आधुनिक युग में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए कंप्यूटर शिक्षा दिए जाने पर खुशी जताई। जॉन एल स्केंडर ने बताया कि अरबी से खास लगाव होने के चलते ही उन्हें नॉर्थ अफ्रीका व अरब देशों की बड़ी जिम्मेदारी दी गई हैं। उनके साथ अमेरिकन एंबेसी के राजनीतिक सलाहकार दिनेश दूबे, मुफ्ती मोहम्मद उल्लाह, मौलाना सादान, मौलाना तौकीर आदि रहे।
मौलाना मुनीर और बदर काजमी आदि मौजूद रहे।