सहारनपुर। एमबीबीएस करने वाली अंबिका ने आत्महत्या से एक दिन पहले ही पुलिस को तहरीर देकर परिजनों से खतरा जताते हुए उनके साथ न रहने की बात कही थी। परिजन उसे अपने साथ ही रखने की जिद पर अड़े थे, जबकि वह नानी के यहां रहना चाहती थी। पुलिस भी उसे माता-पिता के पास भेजने की कोशिश कर रही थी। उसने फेसबुक और व्हॉट्सएप के माध्यम से भी अपने मित्रों को यह बात बताई थी।
शहर के न्यू आवास विकास कालोनी में रहने वाली अंबिका ने दो दिन पहले ही 12 अप्रैल को सदर बाजार थाना पुलिस को तहरीर दी थी। उसने कहा था कि परिवार द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और पागल तक घोषित करने की कोशिश की जा रही है। उसकी तस्वीरें बांटी गईं, मोहल्ले और कॉलेज में अफवाह फैलाई गई और कॉलेज जाने से भी रोका। वह नानी के ही यहां रहना चाहती है, उसे माता-पिता के घर ना भिजवाया जाए। इसके एक दिन बाद ही 13 अप्रैल को न्यू आवास विकास कालोनी में अंबिका ने अपने मामा के ही मकान में आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
मां ने लिखकर दिया था, अंबिका को कुछ हुआ तो हम जिम्मेदार
अंबिका की तरफ से तहरीर दिए जाने के बाद सदर बाजार थाने में अंबिका की मां मंजू सहित अन्य लोग पहुंचे थे। मंजू ने लिखकर दिया था कि बेटी की जिम्मेदारी उसकी है। अगर घर पर अंबिका को कुछ हुआ तो वह जिम्मेदार होगी।
अतुल शर्मा करेंगी पुलिस से शिकायत
अंबिका ने मेरठ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अतुल शर्मा से भी संपर्क किया था। उन्हें अंबिका ने यही बताया था कि उसकी जान को खतरा है और परिवार वाले प्रताड़ित कर रहे हैं। अतुल शर्मा ने अंबिका की मौत की जानकारी मिलने पर फेसबुक पर यह बातें साझा कीं। अतुल शर्मा का कहना है कि वह बृहस्पतिवार को सहारनपुर आकर पुलिस अधिकारियों से मिलेंगी और अंबिका की मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग करेंगी।
समझौता कराने का किया था प्रयास
सदर बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह का कहना है कि अंबिका द्वारा महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत की गई थी, उसकी जानकारी आज ही मिली है। पारिवारिक विवादों में पहला प्रयास समझौता कराने का होता है।
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अंबिका अभी अपने मामा के यहां ही रह रही थी। मकान के निचले हिस्से में मामा रहते हैं, जबकि अंबिका ऊपर के हिस्से में थी। वहीं पर उसने खुद को आग लगाई। मामले के हर पहलू पर जांच की जाएगी। - राजेश कुमार, एसपी सिटी