इसके बाद सात मार्च को 10151 किशोरों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। आठ मार्च को 6555 किशोरों ने कोरोनारोधी टीका लगवाया। नौ मार्च को 19871 किशोरों ने वैक्सीन लगवाई। इसके साथ ही 10 मार्च को वैक्सीन लगवाने वाले किशोरों की संख्या 10104 हो गई। 11 मार्च को 8009, 12 मार्च को 5507 किशोरों ने वैक्सीन लगवाई। इन्हीं आंकड़ों से पता चल रहा है कि 15 से 18 साल तक के किशोरों में वैक्सीन को लेकर उत्साह भरा हुआ था।
28.41 प्रतिशत किशोरों को लगी वैक्सीन की दूसरी डोज
जिले में जब 15 से 18 साल तक के किशोरों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ, उस समय सभी स्कूल खुले हुए थे। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूलों में जाकर टीकाकरण किया। जिले में 15 से 18 साल तक के 258290 किशोरों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें से 221966 यानि 85.94 प्रतिशत किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। अभी तक 73370 यानि 28.41 प्रतिशत किशोरों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है।
300 बूथों पर हुआ था वैक्सीनेशन : डॉ. अशोक कुमार
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 15 से 18 उम्र तक के किशोरों के टीकाकरण के लिए स्कूलों में कैंप लगाए गए थे। जिसकी वजह से वैक्सीनेशन ने तेजी पकड़ी। जिले में करीब 300 बूथों पर वैक्सीनेशन किया गया था। इसके साथ ही अभी भी लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।