सहारनपुर के देवबंद में तीन साल पूर्व फल विक्रेता की मौत पर हुए बवाल के दौरान एसपी देहात के गनर से एके 47 लूटे जाने के मामले की पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने यह कदम केंद्र और राज्य सरकार से मिले आदेश के बाद लिया है। पुलिस को हर हाल में एके 47 राइफल को बरामद करने को कहा गया है। पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियां भी इस मामले को लेकर सक्रिय हो गई हैं।
देवबंद में 23 अप्रैल 2013 को एमबीडी चौक पर खड़े नेचलगढ़ निवासी फल विक्रेता अफजाल (40) की पुलिस का डंडा लगने के चलते मौत हो गई थी। जिसके बाद लोगों ने उसके शव को सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था।
उच्चाधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया तो भीड़ बेकाबू हो गई और उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया था। जिसमें सात पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
इतना ही नहीं उपद्रवियों ने पुलिस जीप और सरकारी गेस्ट हाऊस में आग तक लगा दी थी। इस दौरान उपद्रवियों ने तत्कालीन एसपी देहात अनिल मिश्रा के गनर संदीप राघव पर हमला करते हुए उससे एके 47 लूट ली थी।
इस मामले में पुलिस ने आठ नामजद और करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन बड़ी बात ये रही कि आज तक भी लूटी गई एके 47 का पुलिस पता नहीं लगा सकी।
इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को उठाया भी, लेकिन पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। पिछले दिनों सहारनपुर में हुई पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के मंच से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने भी यह मुद्दा उठाया था।
माना जा रहा है उसी के बाद केंद्र ने राज्य सरकार को इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा जिस पर राज्य सरकार ने पुलिस को कड़े दिशा निर्देश देते हुए एके 47 की बरामदगी करने के आदेश दिए हैं।
कोतवाल विजय प्रकाश ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने नये सिरे से इस पर काम शुरु कर दिया है। पुलिस, क्राइम ब्रांच और खुफिया विभाग की टीमें काम पर लग गई हैं। आदेश में यह भी कहा गया कि इस मामले में किसी की दखलांदाजी नहीं होने दी जाएगी।