सहारनपुर। एड्स नियंत्रण संविदा कर्मियों ने दो अगस्त से आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि कई साल से उनका मानदेय पुनरीक्षित नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उनको मानदेय काफी कम मिल रहा है। संविदा कर्मियों ने कैराना सांसद प्रदीप चौधरी को ज्ञापन देकर मानदेय पुनरीक्षित कराने की मांग की है।
जनपद में तैनात संविदा कर्मियों ने बताया कि एड्स नियंत्रण संविदाकर्मी अप्रैल 2020 से अपने मूल कार्यों के साथ कोरोना ड्यूटी भी कर रहे हैं। प्रदेश भर में सैकड़ों कर्मी संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से कइयों की जान भी जा चुकी है। एक नवंबर 2019 को नाको (नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन) अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आश्वस्त किया गया था कि एड्स नियंत्रण संविदाकर्मियों का मानदेय पुनरीक्षण कराया जाएगा। मगर अप्रैल 2020 में केवल सीनियर मेडिकल अधिकारियों एवं मेडिकल अधिकारियों का ही मानदेय पुनरीक्षित किया गया। बाकी संविदाकर्मियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। ऑल इंडिया एड्स कंट्रोल इम्पलॉइज वेलफेयर एसोसिएशन ने दो अगस्त से आंदोलन की चेतावनी दी है। दो से सात अगस्त तक सभी कर्मी बाजुओं पर काला फीता बांधकर कार्य करेंगे। नौ से 14 अगस्त तक प्रतिदिन सीएमओ एवं जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन देंगे।
16 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन एक घंटा सीएमओ, जिलाधिकारी कार्यालय एवं श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना देंगे। 23 से 28 अगस्त तक मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री आवास पर धरना होगा। एक सितंबर से देश भर के कर्मी प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय पर धरना देंगे। उधर, नाको के तहत जिला चिकित्सालय के साथ ही सभी सीएचसी, एआरटी केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों ने भी मानदेय पुनरीक्षण की मांग तेज कर दी है। शिवकांत यादव, कामिनी कुमारी, संजय यादव, दल सिंह, संजीव सैनी, शमशुल हक, अनिल कुमार, रोहिनी, कुलदीप शर्मा, अमित कुमार और सनी कुमार ने कैराना सांसद प्रदीप चौधरी को ज्ञापन सौंपकर मानदेय पुनरीक्षित कराने की मांग की है।